haalat-e-haal se begaana banaa rakha hai | हालत-ए-हाल से बेगाना बना रक्खा है

  - Abbas Qamar
हालत-ए-हालसेबेगानाबनारक्खाहै
ख़ुदकोमाज़ीकानिहाँ-ख़ानाबनारक्खाहै
ख़ौफ़-ए-दोज़ख़नेहीईजादकियाहैसज्दा
डरनेइंसानकोदीवानाबनारक्खाहै
मिम्बर-ए-इश्क़सेतक़रीरकीख़्वाहिशहैहमें
दिलकोइसवास्तेमौलानाबनारक्खाहै
मातम-ए-शौक़बपाकरतेहैंहरशामयहाँ
जिस्मकोहमनेअज़ाँ-ख़ानाबनारक्खाहै
वक़्त-ए-रुख़्सतहैमिरेचाहनेवालोंनेभीअब
साँसकोवक़्तकापैमानाबनारक्खाहै
जानतेहैंवोपरिंदाहैनहींठहरेगा
हमनेउसदिलकोमगरदानाबनारक्खाहै
  - Abbas Qamar
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