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Ajeetendra Aazi Tamaam
mirii duniya mire khaabo ki duniya
mirii duniya mire khaabo ki duniya | मिरी दुनिया मिरे ख़्वाबों की दुनिया
- Ajeetendra Aazi Tamaam
मिरी
दुनिया
मिरे
ख़्वाबों
की
दुनिया
मिरी
दुनिया
में
सब
कुछ
रायगाँ
है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
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नहीं
दुनिया
को
जब
परवाह
हमारी
तो
फिर
दुनिया
की
परवाह
क्यूँँ
करें
हम
Jaun Elia
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हम
मेहनतकश
इस
दुनिया
से
जब
अपना
हिस्सा
माँगेंगे
इक
बाग़
नहीं,
इक
खेत
नहीं,
हम
सारी
दुनिया
माँगेंगे
Faiz Ahmad Faiz
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जब
आ
जाती
है
दुनिया
घूम
फिर
कर
अपने
मरकज़
पर
तो
वापस
लौट
कर
गुज़रे
ज़माने
क्यूँँ
नहीं
आते
Ibrat Machlishahri
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अपना
सब
कुछ
हार
के
लौट
आए
हो
न
मेरे
पास
मैं
तुम्हें
कहता
भी
रहता
था
कि
दुनिया
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
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एक
तरफ़
है
पूरी
दुनिया
एक
तरफ़
है
मेरा
घर
लेकिन
तुमको
बतला
दूँ
मैं
दुनिया
से
है
अच्छा
घर
सब
कमरों
की
दीवारों
पर
तस्वीरें
हैं
बस
तेरी
मुझ
सेे
ज़ियादा
तो
लगता
है
जानेमन
ये
तेरा
घर
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Tanoj Dadhich
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पत्थर
के
इस
जहाँ
में
थी
रोने
लगी
सभा
जब
आदमी
ने
आदमी
को
आदमी
कहा
SHIV SAFAR
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लगा
जब
कि
दुनिया
की
पहली
ज़रूरत
मोहब्बत
है
तब
उसने
माना
यक़ीं
हो
गया
जब
मोहब्बत
ज़रूरत
है
तब
उसने
माना
वगरना
तो
ये
लोग
उसे
ख़ुद-कुशी
के
लिए
कह
चुके
थे
उसे
आइने
ने
बताया
कि
वो
ख़ूब-सूरत
है
तब
उसने
माना
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Vikram Gaur Vairagi
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सिर्फ़
ज़िंदा
रहने
को
ज़िंदगी
नहीं
कहते
कुछ
ग़म-ए-मोहब्बत
हो
कुछ
ग़म-ए-जहाँ
यारो
Himayat Ali Shayar
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ये
नदी
वर्ना
तो
कब
की
पार
थी
मेरे
रस्ते
में
अना
दीवार
थी
आप
को
क्या
इल्म
है
इस
बात
का
ज़िंदगी
मुश्किल
नहीं
दुश्वार
थी
थीं
कमानें
दुश्मनों
के
हाथ
में
और
मेरे
हाथ
में
तलवार
थी
जल
गए
इक
रोज़
सूरज
से
चराग़
रौशनी
को
रौशनी
दरकार
थी
आज
दुनिया
के
लबों
पर
मुहर
है
कल
तलक
हाँ
साहब-ए-गुफ़्तार
थी
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ARahman Ansari
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जहाँ
से
जी
न
लगे
तुम
वहीं
बिछड़
जाना
मगर
ख़ुदा
के
लिए
बे-वफ़ाई
न
करना
Munawwar Rana
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मिलीं
चंद
नाकामियाँ
जो
सफ़र
में
सितम
ढा
रही
हैं
मेरी
ज़िंदगी
पर
Ajeetendra Aazi Tamaam
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जिगर
में
दर्द
हाथों
में
छलकता
जाम
होता
है
मोहब्बत
का
यही
तो
दोस्तो
इनआम
होता
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
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ज़मीं
गिरने
नहीं
देती
गगन
उठने
नहीं
देता
हर
इक
हद
तोड़ना
चाहे
मिरे
अंदर
का
पागलपन
Ajeetendra Aazi Tamaam
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जब
लेता
हूँ
तेरी
ख़ुशबू
आती
है
इन
साँसों
पे
कैसे
रोक
लगाऊँ
मैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
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बाज़ुओं
को
ग़ैर
की
मदहोश
कर
शर्म
तो
आती
नहीं
होगी
तुम्हें
Ajeetendra Aazi Tamaam
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