samandar kitna gahra dekhna hai | समुंदर कितना गहरा देखना है

  - Aatish Indori
समुंदरकितनागहरादेखनाहै
उसेअबकहकेदरियादेखनाहै
गयाथापेड़सेख़ुदटूटकरजो
कहाँपहुँचावोपत्तादेखनाहै
यूँँचीख़ूँगाभलेआवाज़जाए
ज़मानाकितनाबहरादेखनाहै
हज़ारोंमेंयालाखोंमेंबिकेगा
हैईमाँकितनामहँगादेखनाहै
रहाजोसिर्फ़मेराज़िंदगीभर
रहाउसकामैंकितनादेखनाहै
बिछड़नेकासबबपढ़नाहैमुझको
तेराइकबारचेहरादेखनाहै
पुकारूँगामगरआनानहींतुम
मुझेता-उम्ररस्तादेखनाहै
  - Aatish Indori
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