hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aatish Indori
phone par tab to baat hoti thii
phone par tab to baat hoti thii | फ़ोन पर तब तो बात होती थी
- Aatish Indori
फ़ोन
पर
तब
तो
बात
होती
थी
तेरे
चुम्बन
से
रात
होती
थी
तुम
तो
माहिर
थे
खेल
में
जानाँ
मेरी
हर
बार
मात
होती
थी
दिल
को
ख़त
में
उकेर
पाते
थे
तब
क़लम
और
दवात
होती
थी
याद
है
जब
क़रीब
थे
हम
तुम
रात
के
बाद
रात
होती
थी
आतिश
इंदौरी
- Aatish Indori
Download Ghazal Image
बोसा
जो
रुख़
का
देते
नहीं
लब
का
दीजिए
ये
है
मसल
कि
फूल
नहीं
पंखुड़ी
सही
Sheikh Ibrahim Zauq
Send
Download Image
21 Likes
बोसा
देते
नहीं
और
दिल
पे
है
हर
लहज़ा
निगाह
जी
में
कहते
हैं
कि
मुफ़्त
आए
तो
माल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
Send
Download Image
37 Likes
बोसा
करने
जब
मैं
आगे
बढ़
जाऊँ
तुम
भी
टेढ़ी
अपनी
गर्दन
कर
लेना
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
32 Likes
हम
तो
क्यूँँकर
कहें
कि
बोसा
दो
गर
इनायत
करो
इनायत
है
Hakeem Dehlvi
Send
Download Image
22 Likes
मार
डाला
है
एक
कमसिन
ने
होंट
हल्के
हैं
बोसा
भारी
है
Ali Arman
Send
Download Image
26 Likes
बे-ख़ुदी
में
ले
लिया
बोसा
ख़ता
कीजे
मुआ'फ़
ये
दिल-ए-बेताब
की
सारी
ख़ता
थी
मैं
न
था
Bahadur Shah Zafar
Send
Download Image
29 Likes
ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
5 Likes
सुब्ह
सवेरे
नंगे
पाँव
घास
पे
चलना
ऐसा
है
जैसे
बाप
का
पहला
बोसा
क़ुर्बत
जैसे
माँओं
की
Hammad Niyazi
Send
Download Image
23 Likes
दो
झुके
नयनों
ने
जो
दिनभर
किया
संवाद
लेकर
मैं
अयोध्या
लौट
आया
लखनऊ
से
याद
लेकर
तीन
झुमका
चार
बोसा
पाँच
झप्पी
आठ
कंगन
रख
दिया
है
पर्स
में
पूरा
अमीनाबाद
लेकर
Read Full
Jatin shukla
Send
Download Image
5 Likes
बोसा
करने
जब
मैं
आगे
बढ़
जाऊँ
तुम
भी
टेढ़ी
अपनी
गर्दन
कर
लेना
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
33 Likes
Read More
आग
है
पर
धुआँ
नहीं
होता
दिल
में
क्या
है
बयाँ
नहीं
होता
एक
दुनिया
वहाँ
बसानी
है
शख़्स
तन्हा
जहाँ
नहीं
होता
या
तो
बचपन
है
या
बुढ़ापा
है
बोन्साई
जवाँ
नहीं
होता
दरमियाँ
कोई
फिर
भी
होता
है
कोई
जब
दरमियाँ
नहीं
होता
भीड़
में
हूँ
तो
क्या
हुआ
'आतिश'
शख़्स
तन्हा
कहाँ
नहीं
होता
Read Full
Aatish Indori
Download Image
2 Likes
नींव
पूरी
उखाड़
दी
उसने
मेरी
हस्ती
उजाड़
दी
उसने
चाहता
अब
वो
है
जुदा
होना
आदतें
जब
बिगाड़
दी
उसने
कोई
भी
संग
मार
जाता
है
नींव
जब
से
उघाड़
दी
उसने
उसने
तय
कर
दिया
है
मुस्तक़बिल
नींव
में
राख
गाड़
दी
उसने
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
बे-सबब
ही
इधर-उधर
जाता
तुम
नहीं
होते
तो
बिखर
जाता
फूल
की
तरह
तुम
अगर
खिलते
इत्र
की
तरह
मैं
बिखर
जाता
ख़्वाब
देखे
थे
हर
जगह
हमने
छोड़
कर
शह्र
यह
किधर
जाता
बात
यह
है
कि
यह
जुदाई
है
हादसा
होता
तो
गुज़र
जाता
फिर
जुदा
होना
होता
ना-मुममिन
जिस्म
में
जिस्म
गर
उतर
जाता
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
अंत
जाना
है
कहानी
का
अक़ब
भी
जानो
बे-वफ़ा
क्यूँँ
हुआ
है
इसका
सबब
भी
जानो
आज
की
तरह
ही
हर
बार
रहोगे
असफल
इश्क़
करते
हो
तो
जतलाने
का
ढब
भी
जानो
Read Full
Aatish Indori
Send
Download Image
2 Likes
मेरी
दीवानगी
से
वो
ख़फ़ा
था
सफ़र
में
साथ
छोड़ेगा
पता
था
Aatish Indori
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ghayal Shayari
Diwali Shayari
Musafir Shayari
Narazgi Shayari
Ujaala Shayari