kitne hi ped khof-e-khizaan se ujad ga.e | कितने ही पेड़ ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ से उजड़ गए

  - Aanis Moin
कितनेहीपेड़ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँसेउजड़गए
कुछबर्ग-ए-सब्ज़वक़्तसेपहलेहीझड़गए
कुछआँधियाँभीअपनीमुआविनसफ़रमेंथीं
थककरपड़ावडालातोख़े
मेंउखड़गए
अबकेमिरीशिकस्तमेंउनकाभीहाथहै
वोतीरजोकमानकेपंजेमेंगड़गए
सुलझीथींगुत्थियाँमिरीदानिस्तमेंमगर
हासिलयेहैकिज़ख़्मोंकेटाँकेउखड़गए
निरवानक्याबसअबतोअमाँकीतलाशहै
तहज़ीबफैलनेलगीजंगलसुकड़गए
इसबंदघरमेंकैसेकहूँक्यातिलिस्महै
खोलेथेजितनेक़ुफ़्लवोहोंटोंपेपड़गए
बे-सल्तनतहुईहैंकईऊँचीगर्दनें
बाहरसरोंकेदस्त-ए-तसल्लुतसेधड़गए
  - Aanis Moin
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