ehsaas akeleypan ka | "एहसास अकेलेपन का"

  - Mohammad Alijah Hasan
"एहसासअकेलेपनका"
आजफिरअकेलेकहींसोयाथामैं
तनहाईमेंअपनीफूट-फूटकररोयाथामैं
बसचैनमेंनींदऔरनींदमेंचैनमिलामुझे
इसक़दरउसरातअपनेआपकोमनानापड़ामुझे
तेरीयादोंनेफिरसेरातभरजगा-येरखाथामुझे
यादआऊँअगरमैंतोइसतरहभूलजानामुझे
शायदइसीतरहसेसुकूनमिलपाएगामुझे
तूइसतरहतोमुझेमिलाथानहीं
कीढूँढ़पाऊँमैंतुझेहरकहीं
होरहाथाआजवादियोंसेज़िक्रतेराभीकहीं
यारख़ुदतेराअकेलाबैठाथायहीं
फूलखिलेथेफिरसेकहींबाग़में
जलरहाथाअकेलावोकहींहसरतोंकीआगमें
कोईउम्मीदकोईराहनज़रनहींआई
मेरीमोहब्बततूआख़िरसामनेक्यूँनहींआई
  - Mohammad Alijah Hasan
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