"इंतिज़ार"
जबकभीबारिश
ज़मींकोछूतीहै
मुझेयादआताहैवोवक़्त
जबहमदसक़दमकी
दूरीपररहतेथे
दसक़दमकीदूरीअब
दोसौदसमीलमेंबदलगईहै
वोसबकुछबदलगयाहै
जोसोचाभीनहींथा
क्यातूभीबदलगईहै
अगरहाँतोउनमसाइलकोसमझ
वक़्तरहतेजिनकाहलनमिलामुझे
मुझेअफ़सोसभीहैकि
एकलफ़्ज़भीनकहातुझसेे
इतनाडरलगताथामुझे
मैंजानताहूँमोहब्बत
डरनेवालोंकाकामनहींहै
ख़बरतुझेभीहै
ख़बरमुझेभीहै
मेरीमोहब्बतनाकामनहींहै
नाकामतोमैंहूँदुनियाकीनज़रमें
कच्चाघरजिसकेसामनेकच्चीगलियाँ
तेरेशौक़केलिएयहाँकुछभीनहींहै
हाँमगरज़रूरतकासबसामानहै
काग़ज़,क़लम,शजर,महकतीकलियाँ
वोकलियाँजिन्हेंकबसे
तेरेएकलम्सकीदरकारहै
वोशजरजोबूढ़ाहोगयाहै
उससेेकहाथाकभीकिसीने
प्यारतोइंतिज़ारहै