intizaar | "इंतिज़ार"

  - Rahul
"इंतिज़ार"
जबकभीबारिश
ज़मींकोछूतीहै
मुझेयादआताहैवोवक़्त
जबहमदसक़दमकी
दूरीपररहतेथे
दसक़दमकीदूरीअब
दोसौदसमीलमेंबदलगईहै
वोसबकुछबदलगयाहै
जोसोचाभीनहींथा
क्यातूभीबदलगईहै
अगरहाँतोउनमसाइलकोसमझ
वक़्तरहतेजिनकाहलमिलामुझे
मुझेअफ़सोसभीहैकि
एकलफ़्ज़भीकहातुझसेे
इतनाडरलगताथामुझे
मैंजानताहूँमोहब्बत
डरनेवालोंकाकामनहींहै
ख़बरतुझेभीहै
ख़बरमुझेभीहै
मेरीमोहब्बतनाकामनहींहै
नाकामतोमैंहूँदुनियाकीनज़रमें
कच्चाघरजिसकेसामनेकच्चीगलियाँ
तेरेशौक़केलिएयहाँकुछभीनहींहै
हाँमगरज़रूरतकासबसामानहै
काग़ज़,क़लम,शजर,महकतीकलियाँ
वोकलियाँजिन्हेंकबसे
तेरेएकलम्सकीदरकारहै
वोशजरजोबूढ़ाहोगयाहै
उससेेकहाथाकभीकिसीने
प्यारतोइंतिज़ारहै
  - Rahul
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