hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prince
shab-e-hijraan men guzri umr hai saari
shab-e-hijraan men guzri umr hai saari | शब-ए-हिज्राँ में गुज़री उम्र है सारी
- Prince
शब-ए-हिज्राँ
में
गुज़री
उम्र
है
सारी
नहीं
मालूम
मुझको
शहर
ये
क्या
है
कि
दिल
की
बात
काग़ज़
पर
सजाता
हूँ
नहीं
मालूम
मुझको
बहर
ये
क्या
है
- Prince
Download Sher Image
बड़े
बूढों
के
घर
को
अब
जो
बच्चे
छोड़
देते
हैं
समुंदर
साहिलों
तक
आ
के
रस्ता
मोड़
देते
हैं
वसीयत
में
कोई
भी
दस्तख़त
जाली
नहीं
होता
ये
पूरे
होश
में
अपने
ही
घर
को
तोड़
देते
हैं
Read Full
anupam shah
Send
Download Image
4 Likes
बातचीत
में
आला
हो
बस
ठीक
न
हो
फ़ाइदा
क्या
महबूब
अगर
बारीक
न
हो
हम
तेरी
क़ुर्बत
में
अक्सर
सोचते
हैं
दरिया
खेत
के
इतना
भी
नज़दीक
न
हो
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
36 Likes
तिरे
एहसास
में
डूबा
हुआ
मैं
कभी
सहरा
कभी
दरिया
हुआ
मैं
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
28 Likes
हर
घड़ी
ख़ुद
से
उलझना
है
मुक़द्दर
मेरा
मैं
ही
कश्ती
हूँ
मुझी
में
है
समुंदर
मेरा
Nida Fazli
Send
Download Image
46 Likes
कौन
डूबेगा
किसे
पार
उतरना
है
'ज़फ़र'
फ़ैसला
वक़्त
के
दरिया
में
उतर
कर
होगा
Ahmad Zafar
Send
Download Image
22 Likes
तूफ़ानों
से
आँख
मिलाओ
सैलाबों
पे
वार
करो
मल्लाहों
का
चक्कर
छोड़ो
तैर
के
दरिया
पार
करो
Rahat Indori
Send
Download Image
143 Likes
ज़िन्दगी
पर
लिख
दिया
था
नाम
मैंने
राम
का
और
फिर
दुख
के
समुंदर
पार
सारे
हो
गए
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
9 Likes
अब
तो
दरिया
सूख
चुका
है
अब
तो
इस
शम्मा
को
बुझा
दो
Siddharth Saaz
Send
Download Image
27 Likes
चाँद
भी
हैरान
दरिया
भी
परेशानी
में
है
अक्स
किस
का
है
कि
इतनी
रौशनी
पानी
में
है
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
40 Likes
ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
Read More
मुझे
तुम
पूछते
हो
प्यार
क्या
है
बता
आख़िर
बला
ये
यार
क्या
है
कि
सारी
देखने
की
बात
है
बस
भला
गुल
और
फिर
यह
खा़र
क्या
है
कि
ख़ुदको
ज़र्फ़
वाला
मानते
हो,
बता
यह
पीठ
पर
फिर
वार
क्या
है
बता
कब
देखता
है
इश्क़
हालत,
भला
मुश्ताक़
या
बेज़ार
क्या
है
कहा
था
याद
आओगे
न
तुम
फिर,
ये
दिल
में
यार
हाहाकार
क्या
है
कि
ख़ुद
ही
कर
खफ़ा
वो
प्रिंस
हमको
वो
ख़ुद
ही
पूछते
हैं
सार
क्या
है
Read Full
Prince
Download Image
0 Likes
तेरा
बुत
तो
नहीं
था
पास
मेरे,
तेरी
यादों
को
अपने
पास
रखा
गोया
हस्ते
हुए
भी
हमने
सदा,
अपने
दिल
को
बहुत
उदास
रखा
Read Full
Prince
Send
Download Image
5 Likes
ये
सूखी
आँखें
मेरी
नम
न
हो
जाएँ
कहीं
इस
बुत
में
साँसे
कम
न
हो
जाए
कहाँ
है
तू
मुझे
फिर
ज़ख़्म
दे
आकर
कहीं
ये
दर्द
मेरे
कम
न
हो
जाए
Read Full
Prince
Send
Download Image
0 Likes
ये
क़ुर्बानी
फ़क़त
क्यूँँ
माँगती
है
रब
बता
उल्फ़त
कहीं
कोई
बला
है
क्या
Prince
Send
Download Image
0 Likes
इक
मैं
जिसे
सब
याद
हैं
क्या
मैं
भी
सब
को
याद
हूँ
Prince
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Waqt Shayari
Hasrat Shayari
Ilm Shayari
Jashn Shayari
Jalwa Shayari