log vo haqim-o-sardaar nahin ho sakte | लोग वो हाक़िम-ओ-सरदार नहीं हो सकते

  - Mohammad Aquib Khan
लोगवोहाक़िम-ओ-सरदारनहींहोसकते
जोभीआवामकेग़मख़ारनहींहोसकते
जिसनेकांधोंपेउठारक्खीहैज़िम्मेदारी
वोकिसीवक़्तभीबीमारनहींहोसकते
ख़ुशनसीबीयेमेरेहक़मेंमुलाक़ातेंहैं
बदनसीबीयेकिहक़दारनहींहोसकते
चोटलोहारकीपड़नेपेजोचीख़उठे
ऐसेलोहेकभीतलवारनहींहोसकते
जोगुरुर-ओ-अनाकेसाएमेंबढ़तेहैंवो
पेड़बनजाएँसमरबारनहींहोसकते
जिसनेगंगामेंवुज़ूकरकेनमाज़ेंहैंपढ़ी
वोकभीमुल्ककेग़द्दारनहींहोसकते
  - Mohammad Aquib Khan
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