hamaari jaan kar aaKHir kahaanii kya karoge tum | हमारी जान कर आख़िर कहानी क्या करोगे तुम

  - Zakir Waqar
हमारीजानकरआख़िरकहानीक्याकरोगेतुम
दिल-ए-मजरूहकोहोनेदोफ़ानीक्याकरोगेतुम
शिकस्ताहालपरछोड़ोपूछोख़ैरियतमेरी
तुम्हारामरगयाआँखोंकापानीक्याकरोगेतुम
तुम्हारेहाथसेहरक़ीमतीशयटूटजातीहै
यहीआदततुम्हारीहैपुरानीक्याकरोगेतुम
मिलेथेइत्तिफ़ाक़नराहमेंनज़रेंझुकालीथीं
भलाइससेेज़ियादामेहरबानीक्याकरोगेतुम
सदाएँदीथीं'ज़ाकिर'नेकियाथाअनसुनातुमने
समझकरअबमेरेलफ़्ज़ोंकेमानीक्याकरोगेतुम
  - Zakir Waqar
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