raat men mujhko diya aise jalana aa gaya | रात में मुझको दिया ऐसे जलाना आ गया

  - Zain Aalamgir
रातमेंमुझकोदियाऐसेजलानागया
तीरगीहोतेसवेराइकभुलानागया
ख़ारज़ारोंसेभरेराहें,क़दमलम्बेसही
ज़ख्म-पाकोसाथफिरभीहाँनिभानागया
दौररावीऔरकितनेग़मज़दापलयहाँ
राहकेआतेमुसाफ़िरकोसुनानागया
ऐबफिरबे-ऐबहोतेजारहेहैंक्यामिरे
मौतसेक्या,ज़िंदगीसेअबडरानागया
थेकहेअरबाबमुझको,तुमपशेमानीकरो
लोनसेंकाटी,सुधरताअबदिखानागया
मो'जिज़ेयेकिसतरहकेहैंअज़िय्यतकेमिरे
अश्क़आरिज़पेमगरहाँमुस्कुरानागया
किसतरहउम्मीदकीपानेउसेतोचार-सू
वोसचथी,झूठसेख़ुदकोमनानागया
तुमकईबातेंकियाकरती,कभीथकतीनहीं
अबनहींतुम,यादजोतेरासतानागया
बादलोंनेबारिशेंदिनमेंनहींकी,ठीकहै
अंधियारेमेंस्वयंकोक्यूँँरुलानागया
आदतनहीहरमरासिममैंनिभाताहूँयहाँ
मानलूँकैसेअलगअबयेज़मानागया
छोड़जातानक़्शपैरोंकेकभीघरलौटने
देखपीछे,धूलकोरस्तामिटानागया
हैनिभाईक्यामुरव्वतऔरसेतुमनेकभी
येहुनरबेसाख़्ताग़मकाजतानागया
बैठतूभीसंगमेरे,तजरबोंकीबातहै
लफ़्ज़सेबातेंनहींकरनी,भुलानागया
अक़्ल-मंदोकाकहींमज्मा,हसीकीमहफ़िलें
राइगाँइकशख़्सलेकरग़मदिवानागया
सौकिताबेंभरचुकीथीअबसुख़नसे,हाँमगर
देखतुझको'ज़ैन'कोफिरइकफ़सानागया
  - Zain Aalamgir
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