khud falak se ho utaara nain tere | ख़ुद फ़लक से हो उतारा नैन तेरे

  - Zain Aalamgir
ख़ुदफ़लकसेहोउतारानैनतेरे
जोख़ुदानेहोसँवारानैनतेरे
वादियाँकितनीहसींकेजन्नतीदिख
हम-नशींऐसानज़ारानैनतेरे
ख़्वाइशेंहोतीमुकम्मल,तोसमझलो
आसमाँकागिरसितारा,नैनतेरे
मुफ़्लिसीछाई,पतादोतुमख़ुदाका
जोनहींमिल,फिरसहारानैनतेरे
प्यासहैकबसेलगीमुझको,मिटादे
इकसमुंदरकाकिनारा,नैनतेरे
चैनमिलताहैकहाँ,कोईबताए
पासहैजिसनेपुकारा,नैनतेरे
केख़बरहमकोहमारीभीनहींहै
हालपूछेजोहमारा,नैनतेरे
मय-कशीसेअबमिरीहालतबुरीहै
देबुलानेकाइशारानैनतेरे
लुटचुकेहैहम,बचाकुछभीनहींहै
करदियाकिसनेख़सारा?नैनतेरे
राइगाँसबकुछयहाँ,हरचीज़छोड़ा
बसनहींथाजोनकारा,नैनतेरे
ज़िंदगीकाराज़बसइतनाकहेंगे
यारजीनेकागुज़ारानैनतेरे
  - Zain Aalamgir
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