मैं तो अक्सर तन्हाई में बैठे ये सोचूँ

  - Zaan Farzaan
मैंतोअक्सरतन्हाईमेंबैठेयेसोचूँ
अपनोंकेहोतेभीक्यामैंइतनातन्हाहूँ
मानादुखकानातामुझसेपैहमहैलेकिन
कम-अज़-कमख़ुशरहनेकीख़ुश-फ़हमीहीपालूँ
कुछकरनेसेपहलेगरसोचूँतोक्याहीहो
बेहतरहैजोकरनाहैबिनसोचेकरगुज़रूँ
बारअबज़िम्मेदारीकाढोनाहैमुझकोभी
मुमकिनहैअबमैंभीअपनेख़्वाबोंकोबेचूँ
इश्क़-ओ-नफ़रतदोनोंहीरस्सीकेहैंमानिंद
उतनाहीआगेजाएँपीछेजितनाखींचूँ
सोचाथादुनियाकोखोकरख़ुदकोपालूँगा
अबख़ुदकोभीखोबैठाहूँअबमैंक्यापाऊँ
तनमनकीइकआज़ारीहैयेफ़िक्र-ए-फ़र्दा
वोआज़ारीजिसकेदमसेहीमैंऐसाहूँ
गोख़ुदकोरोकेरखताहूँमुस्तक़बिलकोसोच
परउड़नेकामनकरताहैजबअंबरदेखूँ
सबवाक़िफ़हैंहररस्तेकीइकहीमंज़िलहै
फिरभीरस्ताचुननेमेंसबइतनासोचेंक्यूँँ
जोमुझकोदरियासमझेंबुझतीहैउनकीप्यास
जोसहरासमझेंमैंउनकोप्यासाहीरक्खूँ
बाहरसकामिलजानेहैजगसारामुझको
'ज़ान'अंदरकीवीरानीकोबसमैंहीजानूँ
  - Zaan Farzaan
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