apna vo hum-safar kabhi beech safar na chhodna | अपना वो हम-सफ़र कभी बीच सफ़र न छोड़ना

  - Zaan Farzaan
अपनावोहम-सफ़रकभीबीचसफ़रछोड़ना
राहमेंहोंगीमुश्किलेंयारमगरछोड़ना
खिलतेदिखेजोबर्ग-ओ-गुलदेखशजरथाख़ुशमगर
तेज़हवाकोहुक्मथाबसयेशजरछोड़ना
आँखेंकभीजोथींउदासउनमेंचमकसीआईअब
उनकोउदासअबकभीबार-ए-दिगरछोड़ना
जागजाएफिरतलबज़ुल्फ़ेंयेअपनीबाँधलो
ज़ुल्फ़ेंयेअपनीअबकभीता-ब-कमरछोड़ना
सबकीहैइकहीज़िंदगीजीनेमेंकैसीशर्मफिर
जीलोयेज़िंदगीमगरमौतकाडरछोड़ना
खेंचनाअपनोंपरकमाँअपनेहीतोसिखातेहैं
अपनेहीफिरयेकहतेहैंतीरइधरछोड़ना
अबयेविसालभीमुझेचाहिएतोनहींथापर
हीगएहोतोमिलोपरकुछअसरछोड़ना
सब्रकेइसदरख़्तमेंऊपरउगेहैंसबसमर
गोयालगेगीदेरपरकोईसमरछोड़ना
कातिब-ए-बख़्तक्यापतामंज़िलेंआगेलिखहीदे
देखोमंज़िलोंकोबसराह-गुज़रछोड़ना
ऐबतोयूँँहज़ारहैंतुममेंबसेहुएमगर
'ज़ान'भलेहोइकहुनर'ज़ान'हुनरछोड़ना
  - Zaan Farzaan
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