jahaalat ke kisi yug men nahin haare hain adhyaapak | जहालत के किसी युग में नहीं हारे हैं अध्यापक

  - YAWAR ALI
जहालतकेकिसीयुगमेंनहींहारेहैंअध्यापक
चमकतेहैंजोहरमौसममेंवोतारेहैंअध्यापक
रवानीकेबिनापानीकभीदरियानहींबनता
अगरहमआबहैंतोआबकेधारेहैंअध्यापक
वोचाहेमैथकेहोंआर्टकेहोंयाहोंइंग्लिशके
हमेंअपनेतमामीजानसेप्यारेहैंअध्यापक
शब-ए-दैजूरमेंभीजिनकीरौनक़कमनहींहोती
ज़मानेकेउजालोंमेंवोउजियारेहैंअध्यापक
अकेलेमंज़िल-ए-मक़सूदपेहमकैसेपहुँचेंगे
हमारीमंज़िल-ए-मक़सदकेगलियारेहैंअध्यापक
यूँँहीपहुँचानहींहैइल्मकापैग़ामघर-घरमें
पयाम-ए-इल्मकेदुनियामेंहरकारेहैंअध्यापक
हरइकक़स्र-ए-जहालतभरभराकरढहगयायावर
अँधेरोंकेनगरमेंजबभीललकारेहैंअध्यापक
  - YAWAR ALI
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