museebat men bhi meri ye samajhdari nahin jaati | मुसीबत में भी मेरी ये समझदारी नहीं जाती

  - YAWAR ALI
मुसीबतमेंभीमेरीयेसमझदारीनहींजाती
ख़फ़ाकितनाभीहोऊँनर्म-गुफ़्तारीनहींजाती
कोईअपनाग़लतहोगरतोलहजानर्मरहताहै
ग़लततोहैमगरमुझसेयेबीमारीनहींजाती
बड़ीमग़रूरआदतहैग़मोंमेंमुस्कुरानेकी
मेरीनसनसमेंबहतीयेअदाकारीनहींजाती
कोईउम्मीदजबबचतीनहींझुकनाहीपड़ताहै
किसीसेयूँँहीकोईसल्तनतहारीनहींजाती
जहाँभीफ़ायदादेखेंझुकादेतेहैंसरअपने
येआदतआजभीलोगोंकीदरबारीनहींजाती
हसदकीआगमेंसबजलरहेहैंएकदूजेसे
जानेक्यूँँदिलोंसेयेमहामारीनहींजाती
लुटाहूँबारहामैंइश्क़केजिनरहगुज़ारोंपर
उन्हींराहोंसेमेरीआजभीयारीनहींजाती
  - YAWAR ALI
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy