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Yaduvanshi Abhishek
chhipakar ashk saare shayari men ye
chhipakar ashk saare shayari men ye | छिपाकर अश्क सारे शा'इरी में ये
- Yaduvanshi Abhishek
छिपाकर
अश्क
सारे
शा'इरी
में
ये
अब
उसके
ख़त
जलाते
हैं
जलाने
दो
- Yaduvanshi Abhishek
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ये
आँसू
ढूँडता
है
तेरा
दामन
मुसाफ़िर
अपनी
मंज़िल
जानता
है
Asad Bhopali
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क्या
दुख
है
समुंदर
को
बता
भी
नहीं
सकता
आँसू
की
तरह
आँख
तक
आ
भी
नहीं
सकता
तू
छोड़
रहा
है
तो
ख़ता
इस
में
तेरी
क्या
हर
शख़्स
मेरा
साथ
निभा
भी
नहीं
सकता
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Waseem Barelvi
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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आँसू
हमारे
गिर
गए
उन
की
निगाह
से
इन
मोतियों
की
अब
कोई
क़ीमत
नहीं
रही
Jaleel Manikpuri
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मैं
तो
उस
वक़्त
से
डरता
हूँ
कि
वो
पूछ
न
ले
ये
अगर
ज़ब्त
का
आँसू
है
तो
टपका
कैसे
Ahmad Nadeem Qasmi
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रो
रहा
था
गोद
में
अम्माँ
की
इक
तिफ़्ल-ए-हसीं
इस
तरह
पलकों
पे
आँसू
हो
रहे
थे
बे-क़रार
जैसे
दीवाली
की
शब
हल्की
हवा
के
सामने
गाँव
की
नीची
मुंडेरों
पर
चराग़ों
की
क़तार
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Ehsan Danish
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जिस
तरह
हँस
रहा
हूँ
मैं
पी
पी
के
गर्म
अश्क
यूँँ
दूसरा
हँसे
तो
कलेजा
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
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Amaan Haider
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मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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अल्लाह
बना
दे
मिरे
अश्कों
को
कबूतर
सब
पूछ
रहे
हैं
तिरे
रूमाल
में
क्या
है
Khan Janbaz
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आज
फिर
तोड़ा
है
इक
लैला
ने
इक
दिल
इश्क़
के
बाज़ार
अब
चलते
रहेंगे
Yaduvanshi Abhishek
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होश
आ
रहा
है
उम्र
बढ़
रही
है
सुब्ह
होने
को
है
रात
चढ़
रही
है
ऐसे
अर्श
पर
ला
कर
के
रख
दिया
है
मेरी
दुनिया
भी
मुझ
से
ही
लड़
रही
है
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Yaduvanshi Abhishek
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छोड़
दीं
सारी
मनमानियाँ
अब
तो
मैं
बस
सही
चुनता
हूँ
शाम
ढलते
ही
सो
जाता
हूँ
अब
मैं
सपने
नहीं
बुनता
हूँ
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Yaduvanshi Abhishek
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जब
जी
न
पाए
तो
गुज़ारा
कर
लिया
हमने
मुहब्बत
से
किनारा
कर
लिया
Yaduvanshi Abhishek
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ये
सोचकर
ही
मैं
ख़ामोश
रहता
हूँ
ज़ुबान
लंबी
है
औकात
से
मेरी
Yaduvanshi Abhishek
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