falsafi ishq pe likhte hai fasaane kitne | फ़लसफ़ी इश्क़ पे लिखते है फ़साने कितने

  - ALI ZUHRI
फ़लसफ़ीइश्क़पेलिखतेहैफ़सानेकितने
इससमुंदरमेंहुएग़र्क़ज़मानेकितने
शा'इरीइश्क़ख़ुदाजामकिताबेंऔरत
एकजीवनकोबितानेकेबहानेकितने
कभीस्कूलकभीगलियाँकभीमय-ख़ाना
उम्रकेसाथबदलतेहैंठिकानेकितने
एकहफ़्ताहीजुदाईकासहाजातानहीं
मौसम-ए-हिज्रअभीऔरहैंआनेकितने
  - ALI ZUHRI
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