"ज़ख़्मीदिल"
एकज़ख़्मपुरानाभरानहींथा
आजफिरसेकिसीनेदिलपरचोटदेमारीहैयारों
हालमेरापूछकरउसनेअपनेहीअंदाज़से
दिलपरदस्तकदीहैयारों
कैसेइलाजकराएअबइसदिलका
बचानाहैशहरमेंकोईहकीमइसका
नकोईशायर,नहीकोईग़ज़लदीवानायारों
मैंख़ुदहीलिखरहाहूँयहहालमेरा
तुमहालातमेरेसमझजानायारों