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Vineet Dehlvi
bekli gham dard in sabki tumheen buniyaad ho
bekli gham dard in sabki tumheen buniyaad ho | बेकली, ग़म, दर्द इन सबकी तुम्हीं बुनियाद हो
- Vineet Dehlvi
बेकली,
ग़म,
दर्द
इन
सबकी
तुम्हीं
बुनियाद
हो
मैं
तुम्हें
भूला
नहीं
हूँ
हाँ
मुझे
तुम
याद
हो
- Vineet Dehlvi
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तू
तो
वाक़िफ़
है
रिवाज़-ए-ग़म
से
इसके
इश्क़
तो
तेरा
भी
ये
पहला
नहीं
है
Siddharth Saaz
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ग़म
के
पीछे
मारे
मारे
फिरना
क्या
ये
दौलत
तो
घर
बैठे
आ
जाती
है
Shakeel Jamali
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बारे
दुनिया
में
रहो
ग़म-ज़दा
या
शाद
रहो
ऐसा
कुछ
कर
के
चलो
याँ
कि
बहुत
याद
रहो
Meer Taqi Meer
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मैं
ज़िंदगी
के
सभी
ग़म
भुलाए
बैठा
हूँ
तुम्हारे
इश्क़
से
कितनी
मुझे
सहूलत
है
Zeeshan Sahil
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बहुत
से
ग़म
समेट
कर
बनाई
एक
डायरी
चुवाव
देख
रात
भर
बनाई
एक
डायरी
ये
हर्फ़
हर्फ़
लफ़्ज़
लफ़्ज़
क़ब्र
है
वरक़
वरक़
दिल-ए-हज़ीं
से
इस
क़दर
बनाई
एक
डायरी
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Aves Sayyad
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खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
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अब
क्या
ही
ग़म
मनाएँ
कि
क्या
क्या
हुआ
मियाँ
बर्बाद
होना
ही
था
सो
बर्बाद
हो
गए
shaan manral
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मेरे
साथ
हँसने
वालों
शरीक
हों
दुख
में
गर
गुलाब
की
ख़्वाहिश
है
तो
चूम
काँटों
को
Neeraj Neer
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पत्थर
के
जिगर
वालो
ग़म
में
वो
रवानी
है
ख़ुद
राह
बना
लेगा
बहता
हुआ
पानी
है
Bashir Badr
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मज़ाक
सहना
नहीं
है
हँसी
नहीं
करनी
उदास
रहने
में
कोई
कमी
नहीं
करनी
Swapnil Tiwari
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मेरे
महबूब
का
जब
जब
मुझे
दीदार
होता
है
ख़ुदा
ही
जानता
है
कैसे
दिल
पे
वार
होता
है
Vineet Dehlvi
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दर्द
दिल
में
ज़रा
ज़रा
सा
है
यानी
ये
दिल
भरा
भरा
सा
है
दिल
के
सब
ज़ख़्म
भर
गए
हैं
मगर
ख़ुद
ही
अब
दिल
हरा
हरा
सा
है
आज
भी
दिल
में
ज़िंदा
है
वो
और
आज
भी
दिल
मरा
मरा
सा
है
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Vineet Dehlvi
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मुद्दतों
बाद
ये
समझ
आया
सादगी
सिर्फ़
इक
दिखावा
है
Vineet Dehlvi
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आग
हमने
नहीं
लगाई
है
बस
चराग़ों
की
लौ
बढ़ाई
है
छोड़
आई
है
घर
पे
तू
और
तुम
घर
से
बाहर
वो
आप
लाई
है
ख़ास
बातें
हज़ार
थी
उस
में
जिन
में
से
एक
बे-वफ़ाई
है
मैंने
सिगरेट
तो
छुपा
ली
थी
पर
तेरी
याद
ढूँढ़
लाई
है
अब
किसी
का
भला
न
करना
दोस्त
अब
इसी
में
तेरी
भलाई
है
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Vineet Dehlvi
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बोझ
सा
सीने
पे
धरा
है
क्यूँँ
जो
हुआ
है
भला
हुआ
है
क्यूँँ
आज
आईने
ने
सवाल
किया
तुमने
ख़ुद
को
बदल
लिया
है
क्यूँँ
आपकी
याद
ने
दिलाया
याद
आज
दिल
बेक़रार
सा
है
क्यूँँ
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Vineet Dehlvi
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