paas bhi baithkar dard apna bataaya nahin | पास भी बैठकर दर्द अपना बताया नहीं

  - Umashankar Lekhwar
पासभीबैठकरदर्दअपनाबतायानहीं
आँसुओंकोभीअपनेतुम्हेंतोदिखायानहीं
चाहताथामैंतुमआओतोग़मभीयेबाँटलूँ
ग़महुआफिरगलेभीतोतुमनेलगायानहीं
जिसकीइकयादमेंरहकेहीदिनगुजारेगए
चाहकरभीकभीवोमेरेपासआयानहीं
बातथीकोईमुझकोजोकरनीथीतुमसेेमगर
बातजानेथीक्याजोतुम्हेंकहभीपायानहीं
येनहींहैमेराख़्वाबजाकेहक़ीक़तबने
यूँँमगरमैंनेक़िस्मतकोभीआज़मायानहीं
  - Umashankar Lekhwar
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