karte tumhaara zikr ab ye KHvaab bhi aate hue | करते तुम्हारा ज़िक्र अब ये ख़्वाब भी आते हुए

  - Umashankar Lekhwar
करतेतुम्हाराज़िक्रअबयेख़्वाबभीआतेहुए
कहतेहैंलाएज़िक्रहमतोठोकरेंखातेहुए
ज़ुल्फ़ेंतुम्हारीख़ैरमुझकोतोमुयस्सरभीनहीं
वरनामेरीहररातकटतीइनकोसहलातेहुए
मैंचलरहातन्हामगरख़्वाबोंकीधुँधलीरेतपर
मिलनेबिछड़नेकेकईसेगीतभीगातेहुए
जोचाहतेयूँँकुछनहींबसमुझसेेतुमदूरीरखो
अक्सरहीवोमुझसेेयेकहतेहैंक़रीबआतेहुए
  - Umashankar Lekhwar
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