har jagah se haath chhoota ab ye khaali hi rahega | हर जगह से हाथ छूटा अब ये ख़ाली ही रहेगा

  - Umashankar Lekhwar
हरजगहसेहाथछूटाअबयेख़ालीहीरहेगा
डरहमाराअबगयाहमकोज़मानादेखलेगा
हैपकड़ढीलीमेरेहाथोंमेंभीइनउँगलियोंकी
इकदफ़ामेंहीज़मानायेतुझेअबछीनलेगा
हैमुझेयेफ़िक्रयाहोतूयाकोईख़्वाबदेखूँ
अबमेरीआँखोंमेंकहदेख़्वाबआँसूक्यारहेगा
क्याकहूँउसकोज़रूरतभीनहींमुझसेेकहेकुछ
वोअगरमुझसेेकहींकुछकहभीलेगाक्याकहेगा
  - Umashankar Lekhwar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy