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umar udas
mere peechhe jo bichaati tu musalla jaanam
mere peechhe jo bichaati tu musalla jaanam | मेरे पीछे जो बिछाती तू मुसल्ला जानम
- umar udas
मेरे
पीछे
जो
बिछाती
तू
मुसल्ला
जानम
तुझको
आता
है
समझ
कैसा
नज़ारा
होता
- umar udas
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हमें
हर
वक़्त
ये
एहसास
दामन-गीर
रहता
है
पड़े
हैं
ढेर
सारे
काम
और
मोहलत
ज़रा
सी
है
Khurshid Talab
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समझ
के
आग
लगाना
हमारे
घर
में
तुम
हमारे
घर
के
बराबर
तुम्हारा
भी
घर
है
Hafeez Banarasi
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उनकी
सोहबत
में
गए
सँभले
दोबारा
टूटे
हम
किसी
शख़्स
को
दे
दे
के
सहारा
टूटे
ये
अजब
रस्म
है
बिल्कुल
न
समझ
आई
हमें
प्यार
भी
हम
ही
करें
दिल
भी
हमारा
टूटे
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Vikram Gaur Vairagi
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हैं
लहू
से
कई
गुना
बढ़कर
वो
जो
एहसास
के
मरासिम
हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
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ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
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Jawwad Sheikh
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दोनों
हाथों
को
तेरे
हाथ
समझ
कर
जानाँ
अपने
गालों
पे
ख़ुद
ही
रंग
लगाया
मैंने
Upendra Bajpai
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जो
तस्वीरें
साथ
में
खींची
जाती
हैं
वो
इक
दिन
तन्हा
महसूस
कराती
हैं
Vikram Gaur Vairagi
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देख
कर
हर
कोई
बेकार
समझ
ले
मुझ
को
अपनी
उल्फ़त
में
गिरफ़्तार
समझ
ले
मुझ
को
बिना
उसके
तिरी
जन्नत
मुझे
मंज़ूर
नहीं
तू
मिरी
मान
गुनहगार
समझ
ले
मुझ
को
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Faiz Ahmad
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नज़दीकी
अक्सर
दूरी
का
कारन
भी
बन
जाती
है
सोच-समझ
कर
घुलना-मिलना
अपने
रिश्ते-दारों
में
Aalok Shrivastav
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शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
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Kashif Sayyed
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मिरे
तो
यार
भी
लाखों
बने
हैं
दुनिया
में
मगर
ये
दिल
है
कि
तन्हा
उदास
रहता
है
umar udas
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वो
जो
कर
दी
थी
तुमने
बातें
बंद
किसकी
बातों
में
आ
गई
थी
तुम
umar udas
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कोई
अपना
नज़र
नहीं
आता
मुझको
ख़ुद
अपने
ही
घराने
में
मुझ
सेे
बोला
भी
था
ये
बाबा
ने
कोई
अपना
नहीं
ज़माने
में
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umar udas
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मेरे
दिल
से
उतर
रही
हो
तुम
हद
से
यानी
गुज़र
रही
हो
तुम
कितने
वादे
थे
कितनी
क़स्में
थीं
उन
सभी
से
मुकर
रही
हो
तुम
दिल
से
तुमको
निकाल
फेंका
था
तुम
ही
जानो
किधर
रही
हो
तुम
दिल
तुम्हारा
ग़ुलाम
होता
था
कितने
बरसों
उधर
रही
हो
तुम
अब
नहीं
फ़र्क़
पड़ता
कोई
भी
तुम
हो
ज़िंदा
के
मर
रही
हो
तुम
एक
वो
भी
समय
था
जान-ए-जाँ
जब
के
जान-ए-उमर
रही
हो
तुम
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umar udas
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जी
में
आता
है
ख़ुद-कुशी
कर
लूँ
जी
में
जो
चाहे
मेरे
आता
है
umar udas
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