yuñ kaatta hooñ raatein andhere men baithkar | यूँँ काटता हूँ रातें अँधेरे में बैठकर

  - Ujjwal Deshwal
यूँँकाटताहूँरातेंअँधेरेमेंबैठकर
गोयाकिजलताहोदियाआलेमेंबैठकर
अपनीउदासीसेलड़ूँतोकिसतरहलड़ूँ
जीलगताहैउदासीकेख़े
मेंमेंबैठकर
मैंख़्वाबदेखताहूँवोभीआसमानके
ऐसेअँधेरेकमरेकेकोनेमेंबैठकर
पहलेतोयादोंकाकोईघेराबनाऊँगा
सोचाकरूँँगाफिरउसीघेरेमेंबैठकर
वोउनदिनोंकीबातेंमुझेअबभीयादहैं
मिट्टीमैंखायाकरताथाचूल्हेमेंबैठकर
  - Ujjwal Deshwal
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