dil jahaan bikhar raha hai haath bhar zameen par | दिल जहाँ बिखर रहा है हाथ भर ज़मीन पर

  - Ujjwal Deshwal
दिलजहाँबिखररहाहैहाथभरज़मीनपर
अबलहूमेंघुलरहाहैकोईडरज़मीनपर
मैंतुम्हेंमिलूँगातोयूँँटूटकरमिलूँगाफिर
जिसतरहसेगिरताहैकोईशजरज़मीनपर
उसकोजातेदेखतीरहीबड़ेहीध्यानसे
फिरनिकलकेगिरपड़ीयेचश्म-ए-तरज़मीनपर
दिलमेंकोईबातहैतोफिरबतातेक्यूँनहीं
देखतेनहींमेरीझुकीनज़रज़मीनपर
डेढ़इंचऊपरउठरहाहैकोईनीम-जाँ
उठकेगिररहाहैफिरइधरउधरज़मीनपर
जिस्मपरलिपटरहीहैइकथकानदिन-ब-दिन
कौनफिरसेअबबसाएदिलनगरज़मीनपर
पंखेपेटंगाहैदिलकिसीकमीज़कीतरह
ठीकनीचेउठरहाहैइकभँवरज़मीनपर
  - Ujjwal Deshwal
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