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Tiwari Jitendra
dukh men main saath jiske rehta tha
dukh men main saath jiske rehta tha | दुख में मैं साथ जिसके रहता था
- Tiwari Jitendra
दुख
में
मैं
साथ
जिसके
रहता
था
शख़्स
वो
हर
किसी
से
जलता
है
- Tiwari Jitendra
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बहुत
से
ग़म
समेट
कर
बनाई
एक
डायरी
चुवाव
देख
रात
भर
बनाई
एक
डायरी
ये
हर्फ़
हर्फ़
लफ़्ज़
लफ़्ज़
क़ब्र
है
वरक़
वरक़
दिल-ए-हज़ीं
से
इस
क़दर
बनाई
एक
डायरी
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Aves Sayyad
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दुनिया
की
फ़िक्र
छोड़,
न
यूँँ
अब
उदास
बैठ
ये
वक़्त
रब
की
देन
है,
अम्मी
के
पास
बैठ
Salman Zafar
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उदासी
चल
कहीं
चलते
हैं
दोनों
पिएँगे
चाय
और
बातें
करेंगे
Gaurav Singh
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मैं
ज़िन्दगी
में
आज
पहली
बार
घर
नहीं
गया
मगर
तमाम
रात
दिल
से
माँ
का
डर
नहीं
गया
बस
एक
दुख
जो
मेरे
दिल
से
उम्र
भर
न
जाएगा
उसको
किसी
के
साथ
देख
कर
मैं
मर
नहीं
गया
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Tehzeeb Hafi
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ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
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उठाओ
कैमरा
तस्वीर
खींच
लो
इन
की
उदास
लोग
कहाँ
रोज़
मुस्कराते
हैं
Malikzada Javed
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जौन
तुम्हें
ये
दौर
मुबारक,
दूर
ग़म-ए-अय्याम
से
हो
एक
पागल
लड़की
को
भुला
कर
अब
तो
बड़े
आराम
से
हो
Jaun Elia
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यही
बहुत
है
मिरे
ग़म
में
तुम
शरीक
हुए
मैं
हॅंस
पड़ूँगा
अगर
तुमने
अब
दिलासा
दिया
Imran Aami
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मज़ाक
सहना
नहीं
है
हँसी
नहीं
करनी
उदास
रहने
में
कोई
कमी
नहीं
करनी
Swapnil Tiwari
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अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
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जिस्म
को
नोच
कर
फेंक
देता
मगर
थी
शराफ़त
अभी
ख़ानदानी
बची
Tiwari Jitendra
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पलट
कर
देखता
उसकी
नहीं
सूरत
जिसे
मैं
अलविदा
एक
बार
कहता
हूँ
Tiwari Jitendra
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मोहब्बत
में
सियासत
हो
नहीं
सकती
कई
रिश्ते
मिटा
कर
जीत
मिलती
है
Tiwari Jitendra
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किसी
की
बात
करते
दिल
नहीं
थकता
नज़र
से
मारता
क़ातिल
नहीं
थकता
अगर
पहली
मुहब्बत
से
मिले
धोखा
कई
दिल
तोड़ता
बे
दिल
नहीं
थकता
भला
कैसी
मुहब्बत
है
ये
दरिया
से
उसे
ही
देखते
साहिल
नहीं
थकता
जला
कर
ख़त
उसे
मैं
छोड़
आया
हूँ
कि
जैसे
दर्द
से
ग़ाफ़िल
नहीं
थकता
हुनर
है
तो
दिखाओ
तुम
भरी
महफ़िल
बिना
मंज़िल
यहाँ
क़ाबिल
नहीं
थकता
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Tiwari Jitendra
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कुछ
अधूरे
से
ख़्वाब
मिलते
हैं
प्यार
में
बस
अज़ाब
मिलते
हैं
हमने
दरिया
निचोड़
डाला
है
उसको
आँखों
से
आब
मिलते
हैं
उम्र
भर
प्यार
कौन
करता
है
वक़्त
रहते
गुलाब
मिलते
हैं
चैट
पे
कब
तलक
गुज़ारें
दिन
उसने
बोला
जनाब
मिलते
हैं
देखने
को
जिसे
चला
आया
वो
पहन
कर
हिजाब
मिलते
हैं
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Tiwari Jitendra
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