लहूभरकेक़लममेंमैंवतनकोजानलिखताहूँ
मुहब्बतनामआताहैतोहिंदुस्तानलिखताहूँ
किसीमज़हबसेजुड़ताहूँतोख़ुदकोभूलजाताहूँ
हटाउपनामकोअपनेमैंबसइंसानलिखताहूँ
जलाकरदेशकेसामानकोहक़माँगतेअपना
समझतेहैंनहींकुछभीउन्हेंनादानलिखताहूँ
नहींजाताकिसीदरपरझुकाताहूँनहींमैंसर
मुझेधरतीबहुतप्यारीइसीकागानलिखताहूँ
जवानोंकेलिएमुझकोअगरलिखनाहुआतोफिर
जवानोंकेइरादोंकोसदाचट्टानलिखताहूँ
'तिवारी'कोयेदुनियाबसअभीइकखेललगतीहै
किसीजीवनकेयापनकोकोईमैदानलिखताहूँ