hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tiwari Jitendra
dil ko kaccha makaan rakhte hain
dil ko kaccha makaan rakhte hain | दिल को कच्चा मकान रखते हैं
- Tiwari Jitendra
दिल
को
कच्चा
मकान
रखते
हैं
और
ताख़ों
पे
जान
रखते
हैं
है
सुख़न
आज
मेरे
हाथों
में
जैसे
चाहें
कमान
रखते
हैं
हम
परिंदे
सभी
मुसाफ़िर
हैं
फिर
भी
ऊँची
उड़ान
रखते
हैं
घोंसले
हम
ज़मीं
पे
रखते
हैं
उड़ने
को
आसमान
रखते
हैं
बे-वफ़ा
आप
हैं
सितम
गर
हैं
जानते
हैं
अमान
रखते
हैं
प्यार
में
सब
अजीब
पागल
हैं
टूटे
दिल
के
निशान
रखते
हैं
कौन
जो
लोग
लौट
आते
हैं
आलसी
हैं
थकान
रखते
हैं
- Tiwari Jitendra
Download Ghazal Image
इक
तेरा
हिज्र
दाइमी
है
मुझे
वर्ना
हर
चीज़
आरज़ी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
45 Likes
तुम
पूछो
और
मैं
न
बताऊँ
ऐसे
तो
हालात
नहीं
एक
ज़रा
सा
दिल
टूटा
है
और
तो
कोई
बात
नहीं
Qateel Shifai
Send
Download Image
122 Likes
ख़ुद
चले
आओ
या
बुला
भेजो
रात
अकेले
बसर
नहीं
होती
Aziz Lakhnavi
Send
Download Image
25 Likes
मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
70 Likes
दूरी
हुई
तो
उन
सेे
क़रीब
और
हम
हुए
ये
कैसे
फ़ासले
थे
जो
बढ़ने
से
कम
हुए
Waseem Barelvi
Send
Download Image
87 Likes
दिल
हिज्र
के
दर्द
से
बोझल
है
अब
आन
मिलो
तो
बेहतर
हो
इस
बात
से
हम
को
क्या
मतलब
ये
कैसे
हो
ये
क्यूँँकर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
17 Likes
लो
फिर
तिरे
लबों
पे
उसी
बे-वफ़ा
का
ज़िक्र
अहमद-'फ़राज़'
तुझ
से
कहा
ना
बहुत
हुआ
Ahmad Faraz
Send
Download Image
29 Likes
किसी
से
दूरी
बनाई
किसी
के
पास
रहे
हज़ार
कोशिशें
कर
लीं
मगर,
उदास
रहे
Sawan Shukla
Send
Download Image
46 Likes
इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
Read Full
Idris Babar
Send
Download Image
20 Likes
मैं
अपनी
हिजरत
का
हाल
लगभग
बता
चुका
था
सभी
को
और
बस
तिरे
मोहल्ले
के
सारे
लड़के
हवा
बनाने
में
लग
गए
थे
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
जहाँ
पे
ख़त
नहीं
आवाज़
जाती
हैं
हमारे
पास
वो
दरबार
रहने
दो
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
हमारी
उदासी
उजाला
करेगी
नए
नौजवानों
के
जीवन
में
जा
कर
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
प्रेम
जैसे
हुआ
दिल
अलग
कर
दिया
उसने
जैसे
छुआ
दिल
अलग
कर
दिया
देखते
ही
हमें
फिर
वो
रोने
लगी
ख़ुश
रहो
दी
दु'आ
दिल
अलग
कर
दिया
Read Full
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
2 Likes
मैं
किसी
पीर
को
भी
नहीं
मानता
तो
ये
मोमिन
बताते
हैं
काफ़िर
मुझे
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
दर्द
दिल
के
चलो
मिटाते
हैं
दीप
अब
प्यार
का
जलाते
हैं
आपसे
प्रेम
हो
गया
है
अब
आपको
देखने
को
आते
हैं
आँख
तुम
शर्म
से
झुकाती
हो
हम
तुम्हें
ख़्वाब
में
सजाते
हैं
तुम
कली
हो
हसीन
बाग़ों
की
हम
तुम्हें
देख
दिल
लगाते
हैं
'जीत'
ऐसे
न
मुस्कुराओ
तुम
लोग
पागल
तुम्हें
बताते
हैं
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Safar Shayari
Nadii Shayari
Emotional Shayari
Manzil Shayari
Musafir Shayari