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Aarush Sarkaar
ye jin gulaabi gaalon pe tum mar rahe miyaan
ye jin gulaabi gaalon pe tum mar rahe miyaan | ये जिन गुलाबी गालों पे तुम मर रहे मियाँ
- Aarush Sarkaar
ये
जिन
गुलाबी
गालों
पे
तुम
मर
रहे
मियाँ
उन
गालों
पर
ये
मेरी
हथेली
के
रंग
हैं
- Aarush Sarkaar
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हमीं
जब
न
होंगे
तो
क्या
रंग-ए-महफ़िल
किसे
देख
कर
आप
शरमाइएगा
Jigar Moradabadi
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तितलियों
का
रंग
हो
या
झूमते
बादल
का
रंग
हम
ने
हर
इक
रंग
को
जाना
तेरे
आँचल
का
रंग
Qateel Shifai
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क़र्ज़
की
पीते
थे
मय
लेकिन
समझते
थे
कि
हाँ
रंग
लावेगी
हमारी
फ़ाक़ा-मस्ती
एक
दिन
Mirza Ghalib
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गुमान
है
या
किसी
विश्वास
में
है
सभी
अच्छे
दिनों
की
आस
में
है
ये
कैसा
जश्न
है
घर
वापसी
का
अभी
तो
राम
ही
वनवास
में
है
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Azhar Iqbal
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रंग
और
नस्ल
ज़ात
और
मज़हब
जो
भी
है
आदमी
से
कमतर
है
इस
हक़ीक़त
को
तुम
भी
मेरी
तरह
मान
जाओ
तो
कोई
बात
बने
Sahir Ludhianvi
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तुम्हारी
इक
झलक
से
रंग
उल्फत
के
उड़ाए
हैं
नज़ारों
की
नज़ाकत
को
ज़रा
देखो
मेरी
जानाँ
Aniket sagar
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तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
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जब
बात
वफ़ा
की
आती
है
जब
मंज़र
रंग
बदलता
है
और
बात
बिगड़ने
लगती
है
वो
फिर
इक
वा'दा
करते
हैं
Afeef siraj
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फ़क़त
रंग
ही
उन
का
काला
नहीं
है
इसी
क़िस्म
की
ख़ूबियाँ
और
भी
हैं
Sarfaraz Shahid
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देख
ज़िंदाँ
से
परे
रंग-ए-चमन
जोश-ए-बहार
रक़्स
करना
है
तो
फिर
पाँव
की
ज़ंजीर
न
देख
Majrooh Sultanpuri
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ये
निगाहें
हैं
हमारी
हाँ
मगर
रहते
हैं
याँ
ख़्वाब
सारे
आपके
Aarush Sarkaar
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वस्ल
हिज्र
वादे
सब
इक
आह
में
शरीक
थे
हम
किसी
की
महफ़िल
ए
निकाह
में
शरीक
थे
Aarush Sarkaar
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कटते
नहीं
थे
दिन
विन,
जिसके
बगैर
अपने
उसके
बगैर
काटे
फिर
साल
वाल,
तौबा
Aarush Sarkaar
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अजी
मेरा
यक़ीं
करिए,
वही
लड़का
है
ये
जिसके
कभी
ए
बी
सी
डी
में
लड़खड़ाते
थे
ज़बाँ
के
पाँव
Aarush Sarkaar
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सिवा
इसके
कोई
शिकवा
नहीं
है
जिसे
हम
चाह
लें
मिलता
नहीं
है
हमारा
शे'र
क्या
कहता
नहीं
है?
हमारा
तजरबा
कच्चा
नहीं
है
तेरा
टुकड़ा
तो
कह
सकते
हैं
उसको
मगर
तू
चाँद
का
टुकड़ा
नहीं
है
हमारा
दुख
यही
है
कोई
फल
फूल
हमारे
पेड़
पर
फलता
नहीं
है
मैं
चुप
बैठा
हूँ
तो
ऐसा
नहीं
के
तिरा
लहजा
मुझे
चुभता
नहीं
है
तुम्हें
जाता
हुआ
हम
देख
लेंगे?
कलेजा
है,
मगर
इतना
नहीं
है
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Aarush Sarkaar
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