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Tarun Bharadwaj
zindagi meri sanwar jaati to achha hota
zindagi meri sanwar jaati to achha hota | ज़िंदगी मेरी सँवर जाती तो अच्छा होता
- Tarun Bharadwaj
ज़िंदगी
मेरी
सँवर
जाती
तो
अच्छा
होता
तेरी
बाहों
में
गुज़र
जाती
तो
अच्छा
होता
तेरा
दीदार
हो
ये
लब
पे
दु'आ
थी
कब
से
तू
भी
कुछ
देर
ठहर
जाती
तो
अच्छा
होता
- Tarun Bharadwaj
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तुम
भी
साबित
हुए
कमज़ोर
मुनव्वर
राना
ज़िन्दगी
माँगी
भी
तुमने
तो
दवा
से
माँगी
Munawwar Rana
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मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
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दूसरी
कोई
लड़की
ज़िंदगी
में
आएगी
कितनी
देर
लगती
है
उस
को
भूल
जाने
में
Bashir Badr
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किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
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Anwar Shaoor
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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मुझे
फुर्सत
नहीं
अब
वाक़ई
में
बहुत
मसरूफ
हूँ
मैं
ज़िन्दगी
में
Reshma Shaikh
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ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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ये
मेरी
ज़िद
ही
ग़लत
थी
कि
तुझ
सेा
बन
जाऊँ
मैं
अब
न
अपनी
तरह
हूँ
न
तेरे
जैसा
हूँ
हमारे
बीच
ज़माने
की
बदगुमानी
है
मैं
ज़िंदगी
से
ज़रा
कम
ही
बात
करता
हूँ
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Subhan Asad
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कीजे
इज़हार-ए-मोहब्बत
चाहे
जो
अंजाम
हो
ज़िंदगी
में
ज़िंदगी
जैसा
कोई
तो
काम
हो
Priyamvada ilhan
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दर्द
ऐसा
है
कि
जी
चाहे
है
ज़िंदा
रहिए
ज़िंदगी
ऐसी
कि
मर
जाने
को
जी
चाहे
है
Kaleem Aajiz
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सारी
नमी
को
सोख
के
सहरा
को
तर
कर
दूँ
बादल
बनूँ
तो
यूँँ
बनूँ
दरिया
को
तर
कर
दूँ
Tarun Bharadwaj
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आँखें
थकी
थकी
है
ये
दिल
भी
रोया
है
तेरी
ख़ातिर
हमने
क्या
क्या
खोया
है
Tarun Bharadwaj
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चला
है
जोश
में
मक़्तल
की
ओर
जोशीला
उसी
को
देख
के
कितनों
को
अक़्ल
आई
है
Tarun Bharadwaj
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मेरा
दिल
तुम
शौक़
से
तोड़ो
एक
तजुर्बा
और
सही
जलता
दीपक
आके
बुझा
दो
दिल
में
अँधेरा
और
सही
भीड़
में
तन्हा
रहता
हूँ
मैं
मंज़र
आकर
देख
लो
ये
लाख
तमाशे
देखे
होंगे
एक
तमाशा
और
सही
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Tarun Bharadwaj
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वक़्त
पर
अपना
कोई
ज़ोर
नहीं
वक़्त
अच्छा
हुआ
हुआ
न
हुआ
Tarun Bharadwaj
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