hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tarun Bharadwaj
aane ka vaa'da karo aise na inkaar karo
aane ka vaa'da karo aise na inkaar karo | आने का वा'दा करो ऐसे न इंकार करो
- Tarun Bharadwaj
आने
का
वा'दा
करो
ऐसे
न
इंकार
करो
है
अगर
इश्क़
तो
फिर
इश्क़
का
इज़हार
करो
- Tarun Bharadwaj
Download Sher Image
सोचकर
अब
शर्म
आती
है
ज़रा
चूम
लेना
होंठ
को
इज़हार
में
Neeraj Neer
Send
Download Image
28 Likes
मसअला
ये
नहीं
कि
इश्क़
हुआ
है
हम
को
मसअला
ये
है
कि
इज़हार
किया
जाना
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
126 Likes
अँगूठी
के
लिए
पैसा
नहीं
था
किया
इज़हार
हमने
शे'र
से
ही
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
58 Likes
जब
किया
इज़हार
तो
हंँस
कर
मुझे
कहने
लगी
प्यार
से
दो
बात
करना
प्यार
हो
जाता
है
क्या
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
8 Likes
इज़हार
पे
भारी
है
ख़मोशी
का
तकल्लुम
हर्फ़ों
की
ज़बाँ
और
है
आँखों
की
ज़बाँ
और
Haneef akhgar
Send
Download Image
22 Likes
तूने
जिस
बात
को
इज़हार-ए-मुहब्बत
समझा
बात
करने
को
बस
इक
बात
रखी
थी
हमने
Ameer Imam
Send
Download Image
47 Likes
अगर
है
इश्क़
सच्चा
तो
निगाहों
से
बयाँ
होगा
ज़बाँ
से
बोलना
भी
क्या
कोई
इज़हार
होता
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
128 Likes
बैठा
हूँ
अभी
सामने
और
सोच
रहा
हूँ
इज़हार
पे
मेरे
भला
क्या
मेरा
बनेगा
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
मिरी
सुब्ह
का
यूँँ
भी
इज़हार
हो
पियाला
हो
कॉफ़ी
का
अख़बार
हो
कोई
जुर्म
साबित
न
हो
उसका
फिर
जो
तेरी
हँसी
में
गिरफ़्तार
हो
Read Full
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
25 Likes
हाए!
इज़हार
करके
पछताए
उसको
इक
दोस्त
की
ज़रूरत
थी
Kumar Vikas
Send
Download Image
59 Likes
Read More
कूज़ागर
को
प्यारा
था
चाक
पे
नाम
हमारा
था
लब
पे
तबस्सुम
बिखरा
था
आँख
में
पानी
खारा
था
उतर
गया
है
वो
दिल
से
आँखों
का
जो
तारा
था
प्यास
से
अपनी
जीत
गया
दरिया
से
जो
हारा
था
दैर-ओ-हरम
से
हार
गया
लोगों
को
जो
प्यारा
था
मेरी
पैदाइश
से
क़ब्ल
टूटा
कोई
तारा
था
ख़ाक-मिले
जो
नक़्श-ए-पा
राज़
उन्हीं
में
सारा
था
वो
मुरझाने
से
पहले
फूल
बहुत
ही
प्यारा
था
Read Full
Tarun Bharadwaj
Download Image
0 Likes
ज़िंदगी
मेरी
सँवर
जाती
तो
अच्छा
होता
तेरी
बाहों
में
गुज़र
जाती
तो
अच्छा
होता
तेरा
दीदार
हो
ये
लब
पे
दु'आ
थी
कब
से
तू
भी
कुछ
देर
ठहर
जाती
तो
अच्छा
होता
Read Full
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
परिंदे
उड़
गए
अब
सिर्फ़
शाख़
बाक़ी
है
शरीर
जल
गए
अब
सिर्फ़
राख़
बाक़ी
है
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
जब
भी
मैंने
दिया
जलाया
है
नूर
में
उसके
तुमको
पाया
है
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
वक़्त
पर
अपना
कोई
ज़ोर
नहीं
वक़्त
अच्छा
हुआ
हुआ
न
हुआ
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Aadmi Shayari
Titliyan Shayari
Baarish Shayari
Muskurahat Shayari
Sooraj Shayari