mushkil raston men se dhool udegi | मुश्किल रस्तों में से धूल उड़ेगी

  - komal selacoti
मुश्किलरस्तोंमेंसेधूलउड़ेगी
कितनेछालोंमेंसेधूलउड़ेगी
सोयाहैजोख़ुदाहज़ारोंसालों
उठातोपलकोंमेंसेधूलउड़ेगी
जबगुज़रेगादीवानेकाजनाज़ा
आपकीराहोंमेंसेधूलउड़ेगी
थकनमुसाफ़िरकीइकरातकभीओढ़
तेरेख़्वाबोंमेंसेधूलउड़ेगी
कीलोकेघरमेंक्यूँँहवाबुलादी
अबदीवारोंमेंसेधूलउड़ेगी
क़ैदीउधरछुपेहैंतीर-अंदाज़
जिधरकेपेड़ोंमेंसेधूलउड़ेगी
आजकादिनगरअँगड़ाईकादिनहै
तोज़ंजीरोंमेंसेधूलउड़ेगी
आजसमुंदरप्यासबुझाएगातो
कितनीलहरोंमेंसेधूलउड़ेगी
तेरीआँखोंमेंजोमैंधूलझोंकूँ
मेरीआँखोंमेंसेधूलउड़ेगी
  - komal selacoti
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