khun-e-zakhm-e-khwab se pahle-pahl boo aayegi | ख़ून-ए-ज़ख़्म-ए-ख़्वाब से पहले-पहल बू आएगी

  - komal selacoti
ख़ून-ए-ज़ख़्म-ए-ख़्वाबसेपहले-पहलबूआएगी
फिरपसीनेमेंउदासीमेरेपहलूआएगी
नामपरउसकेइधरजानेकिधरसेमेरेपास
एकइतराकरकेबलखाकरकेख़ुश्बूआएगी
उसनदीकानामसबउल्फ़तरखेंगेएकरोज़
जबमिरीयेआगतेरेबर्फ़कोछूआएगी
जोपहनताहोगुलोंकीख़ालकोशाम-ओ-सहर
ग़ैर-मुमकिनहैकिउसकोअपनीख़ुश्बूआएगी
ध्यानइतनादेदियाहैतेरीआमदपरयहाँ
अबगुज़रजानेकेतेरेबादभीतूआएगी
रखलियाहैसरपेसूरजतोबड़ामग़रूरहूँ
देखनाअबमेरीपरछाईजोहर-सूआएगी
  - komal selacoti
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