hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
BR SUDHAKAR
chehra teraa aur uspe haseen ye aañkhen
chehra teraa aur uspe haseen ye aañkhen | चेहरा तेरा और उसपे हसीन ये आँखें
- BR SUDHAKAR
चेहरा
तेरा
और
उसपे
हसीन
ये
आँखें
जैसे
चाँद
पे
रौशन
दो
दीए
हो
- BR SUDHAKAR
Download Sher Image
उस
के
चेहरे
की
चमक
के
सामने
सादा
लगा
आसमाँ
पे
चाँद
पूरा
था
मगर
आधा
लगा
Iftikhar Naseem
Send
Download Image
92 Likes
वो
अगर
हँस
दे
तो
मैं
लिख
दूँ
क़सीदे
चाँद
तक
इश्क़
करने
का
सलीक़ा
वो
सिखाती
है
बहुत
Amaan Pathan
Send
Download Image
2 Likes
कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
Send
Download Image
45 Likes
माँग
सिन्दूर
भरी
हाथ
हिनाई
करके
रूप
जोबन
का
ज़रा
और
निखर
आएगा
जिसके
होने
से
मेरी
रात
है
रौशन
रौशन
चाँद
में
आज
वही
अक्स
नज़र
आएगा
Read Full
Azhar Iqbal
Send
Download Image
66 Likes
इस
दुनिया
का
हर
मंसूबा
हर
कोशिश
बेकार
हुई
इक
बच्चे
ने
हाथ
बढ़ाया
चाँद
को
छूकर
देख
लिया
Tariq Qamar
Send
Download Image
21 Likes
तरीक़े
और
भी
हैं
इस
तरह
परखा
नहीं
जाता
चराग़ों
को
हवा
के
सामने
रक्खा
नहीं
जाता
मोहब्बत
फ़ैसला
करती
है
पहले
चंद
लम्हों
में
जहाँ
पर
इश्क़
होता
है
वहाँ
सोचा
नहीं
जाता
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
130 Likes
उसने
खिड़की
से
चाँद
देखा
था
मैंने
खिड़की
में
चाँद
देखा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
96 Likes
चंद
उम्मीदें
निचोड़ी
थीं
तो
आहें
टपकीं
दिल
को
पिघलाएँ
तो
हो
सकता
है
साँसें
निकलें
Gulzar
Send
Download Image
40 Likes
उस
चाँद
को
भी
रश्क
होता
था
उसी
को
देख
कर
मैं
भी
खुले
आकाश
में
तस्वीर
उसकी
चूमता
Ankit Yadav
Send
Download Image
5 Likes
तेरी
हर
बात
मोहब्बत
में
गवारा
कर
के
दिल
के
बाज़ार
में
बैठे
हैं
ख़सारा
कर
के
आसमानों
की
तरफ़
फेंक
दिया
है
मैं
ने
चंद
मिट्टी
के
चराग़ों
को
सितारा
कर
के
Read Full
Rahat Indori
Send
Download Image
42 Likes
Read More
सारे
पेड़
क़लम
में
बना
दूँ
और
समुंदर
रख
लूँ
स्याही
तब
भी
न
लिख
पाऊँगा
मैं
उस
पे
,
ऐसी
है
मेरी
माई
BR SUDHAKAR
Send
Download Image
13 Likes
तेरी
भी
कम
ही
सुन
पाता
हूँ
मन
हाँ
बिलकुल
मैं
तेरे
जैसा
हूँ
मन
शायर
बनने
का
ये
मुनाफ़ा
है
दोस्त
मैं
इक
शे'र
से
बहला
देता
हूँ
मन
दोस्त
सभी
से
शिकवा
क्या
हो
मेरा
मैं
तो
तेरे
भी
नईं
बैठा
हूँ
मन
दुनिया
के
धोखे
से
ये
डिग्री
पाई
बंदा
देख
अब
मैं
पड़
देता
हूँ
मन
मुझको
जो
तू
भटकाने
में
लगा
है
रुक
मैं
तेरे
ही
मन
की
करता
हूँ
मन
Read Full
BR SUDHAKAR
Download Image
1 Like
दिन
होने
से
पहले
पहले,
पहुँचा
करता
था
उस
सेे
मिलने,
मैं
उस
के
कॉलेज
जाया
करता
था
BR SUDHAKAR
Send
Download Image
31 Likes
दिल
भी
लग
जाता
पर
लगा
ही
नहीं
जिसको
चाहा
कभी
मिला
ही
नहीं
वो
मुझे
छोड़
के
चला
भी
गया
पर
ये
दिल
है
के
मानता
ही
नहीं
मैं
ही,
उसको
भुला
न
पाया
और
मैने
सोचा
कि
रास्ता
ही
नहीं
उसकी
चाहत
थी
कि
तड़पता
रहूँ
फिर
दिल-ए-ज़ख्म,मैं
सिला
ही
नहीं
शोर
करता
है,
वो
निभाएगा
साथ
और
ज़रूरत
पे,
वो
दिखा
ही
नहीं
सब
दिया
है
ख़ुदा
ने,
ख़ुश
भी
हूँ
एक
बस
यार,
तू
मिला
ही
नहीं
दूर
के
लोग
तेरे
अपने
हुए
पास
का
मैं
तेरा
हुआ
ही
नहीं
सज
के
कॉलेज
में
आना
क्या
मतलब
तू
मेरी
ओर
देखता
ही
नहीं
प्यार
खोजे
'सलीम'
शहर
में
वो
थक
गया
पर
कहीं
दिखा
ही
नहीं
Read Full
BR SUDHAKAR
Download Image
14 Likes
झूठ
उसका
कुछ
छुपा
के
कह
दो
तुम
इस
कहानी
को
बना
के
कह
दो
तुम
तुम
बुराई
भी
मेरे
मुँह
पे
करो
दोस्त
समझो
हक़
जता
के
कह
दो
तुम
ज़ख़्म
भर
जा,
ज़ख़्म
भर
जाएँगे
सब
हाथ
अपना
बस
लगा
के
कह
दो
तुम
मैं
तुम्हारा
हूँ
यही
बस
जो
है
बात
ज़ोर
थोड़ा
और
लगा
के
कह
दो
तुम
बाद
इसके
होगा
क्या-क्या
देखना
शे'र
अपने
मुस्कुरा
के
कह
दो
तुम
Read Full
BR SUDHAKAR
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shaheed Shayari
Baaten Shayari
War Shayari
Jalwa Shayari
Hasrat Shayari