aaj bhi haath khaali laga haath kuchh bhi nahin | आज भी हाथ ख़ाली, लगा हाथ कुछ भी नहीं

  - BR SUDHAKAR
आजभीहाथख़ाली,लगाहाथकुछभीनहीं
अबकटेगीनहींवैसेतोरातकुछभीनहीं
एकदरियाहूँमैंख़्वाहिशोंकामुझेभापले
मेरीइसप्यासकेआगेबरसातकुछभीनहीं
एकलड़कीकाहैबर्थडेऔरमेराहालदेख
नौकरीजाचुकी,तोहफ़ेकोहाथकुछभीनहीं
इश्क़मेंलोगअपनीलुटादेतेहैजान,फिर
तेरेअबतककेबिगड़ेयेहालातकुछभीनहीं
लोगगरआपकरकेभीबोलेंतोग़ुस्सालगे
आपगरतू-तूभीबोलोतोबातकुछभीनहीं
ख़ुदमैंहीजीरहाहूँकिसीऔरकेदेनपे
पासमेरेहैदेनेकोख़ैरातकुछभीनहीं
तूजोकहदेतातोहमक्याकरदेतेतेरेलिए
हाथी,घोड़ेयेबाजा,येबारातकुछभीनहीं
  - BR SUDHAKAR
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