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Sumit Panchal
hui hai kya KHataa jaane
hui hai kya KHataa jaane | हुई है क्या ख़ता जाने
- Sumit Panchal
हुई
है
क्या
ख़ता
जाने
चले
नासेह
समझाने
गए
थे
बाब-ए-उल्फ़त
को
वफ़ाओं
का
मज़ा
पाने
हुकुम
होता
ग़ज़ल
का
है
सुना
देते
है
अफ़साने
- Sumit Panchal
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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हसीन
लड़की
से
दिल
लगाना
भी
इक
ख़ता
है
मुझे
पता
है
अगर
सज़ा
में
मिले
क़ज़ा
तो
अलग
मज़ा
है
मुझे
पता
है
Jatin shukla
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भूले
हैं
रफ़्ता
रफ़्ता
उन्हें
मुद्दतों
में
हम
क़िस्तों
में
ख़ुद-कुशी
का
मज़ा
हम
से
पूछिए
Khumar Barabankvi
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जानती
हो
कि
क्या
हुआ
है
तुम्हें
इश्क़
का
रोग
लग
गया
है
तुम्हें
तुमको
देखें
तो
देखते
जाएँ
देखने
का
अलग
मज़ा
है
तुम्हें
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Pravin Rai
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ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
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वो
शांत
बैठा
है
कब
से
मैं
शोर
क्यूँँॅं
न
करूँॅं
बस
एक
बार
वो
कह
दे
कि
चुप
तो
चूँ
न
करूँॅं
Charagh Sharma
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मुद्दत
के
बाद
उस
ने
जो
की
लुत्फ़
की
निगाह
जी
ख़ुश
तो
हो
गया
मगर
आँसू
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
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इश्क़
करना
इक
सज़ा
है
क्या
करें
इश्क़
का
अपना
मज़ा
है
क्या
करें
Syed Naved Imam
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जो
मैं
उसके
हिस्से
में
सारा
हुआ
तो
फिर
इक
बार
वो
सब
दुबारा
हुआ
तो
तिरे
ख़्वाब
तो
ऐश
ओ
आराम
के
हैं
मिरे
साथ
जो
बस
गुज़ारा
हुआ
तो
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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मेरे
रश्क-ए-क़मर
तू
ने
पहली
नज़र
जब
नज़र
से
मिलाई
मज़ा
आ
गया
बर्क़
सी
गिर
गई
काम
ही
कर
गई
आग
ऐसी
लगाई
मज़ा
आ
गया
Fana Bulandshahri
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सर
से
सौदाई
का
भूत
उतरे
ज़रा
हम
मुहब्बत
में
डूबे
है
गहरे
ज़रा
कह
दो
उन
सेे
कि
आते
है
हम
तो
ज़रा
सामने
रख
के
शीशे
को
संवरे
ज़रा
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Sumit Panchal
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कभी
जो
चीज़
चाहिए
थी
मुझे
मिल
गई
अब
तो
ख़ुश
नहीं
हूँ
मैं
Sumit Panchal
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ग़ुरूर
जचता
नहीं
है
मेरा
तेरे
आगे
मैं
तेरे
हाथ
का
मिट्टी
से
हूँ
बनाया
हुआ
Sumit Panchal
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मुझ
को
दरकार
मेरे
जैसा
कुछ
मैंने
चाहा
है
यार
कैसा
कुछ
मैंने
सोचा
नहीं
था
ऐसा
कुछ
हो
गया
है
यहाँ
पे
ऐसा
कुछ
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Sumit Panchal
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हमारे
नाम
के
चर्चे
हमें
बदनाम
करते
है
सुलूक
अच्छा
तो
करते
है
बुरा
अंजाम
करते
है
Sumit Panchal
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