mere dil ko koi ja kar ke dhundhe in pahaadon men | मेरे दिल को कोई जा कर के ढूँढे इन पहाड़ों में

  - Sonia rooh
मेरेदिलकोकोईजाकरकेढूँढेइनपहाड़ोंमें
छिपाबैठाहैअपनीआँखेंमूंदेइनपहाड़ोंमें
यहाँअलसायासूरजरोज़इनकीगोदसेनिकले
चमकतीचादरोंकोरातेंओढ़ेइनपहाड़ोंमें
यहाँकीसुब्ह-ओ-शा
मेंभीतोहर्फ़-ए-राज़लिखतीहैं
शजर,झरने,परिंदेमिलकेगातेइनपहाड़ोंमें
वोहल्कीधुंधमेंजबवादियाँदिलकशसीलगतीहैं
तोबूँदेंओसकीनजरेंउतारेइनपहाड़ोंमें
यहाँकेपत्थरोंमेंएककोमलदिलधड़कताहै
येदेखोसाँसलेतेहैंनज़ारेइनपहाड़ोंमें
येबादलऔरजुगनूजबतर्रन्नुमगुनगुनातेहैं
तभीलिखतीहूँमैंगीतोंकेमुखड़ेइनपहाड़ोंमें
येईंटोंकानगरमुर्दाहैमुर्दालोगहैंसारे
तभीतो'रूह'रह-रहकरकेलौटेइनपहाड़ोंमें
  - Sonia rooh
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