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SIDDHARTH SHARMA
hawaaein choom kar tum ne
hawaaein choom kar tum ne | हवाएँ चूम कर तुम ने
- SIDDHARTH SHARMA
हवाएँ
चूम
कर
तुम
ने
चिराग़ों
को
जलाया
है
तेरी
आवाज़
दस्तक
है
ख़ुदा
ने
घर
बुलाया
है
- SIDDHARTH SHARMA
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करने
को
कुछ
नहीं
है
नए
साल
में
'यशब'
क्यूँ
न
किसी
से
तर्क-ए-मोहब्बत
ही
कीजिए
Yashab Tamanna
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या
तो
भरम
बना
रहे
इतना
ख़ुदा
करे
इनकार
अपने
होने
से
वरना
ख़ुदा
करे
मुश्किल
है
मेरा
काम
तो
मिल
बाँटकर
करें
आधा
करा
दें
राम
जी
आधा
ख़ुदा
करे
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Vineet Aashna
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'मीर'
के
दीन-ओ-मज़हब
को
अब
पूछते
क्या
हो
उन
ने
तो
क़श्क़ा
खींचा
दैर
में
बैठा
कब
का
तर्क
इस्लाम
किया
Meer Taqi Meer
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बाज़ार
जा
के
ख़ुद
का
कभी
दाम
पूछना
तुम
जैसे
हर
दुकान
में
सामान
हैं
बहुत
आवाज़
बर्तनों
की
घर
में
दबी
रहे
बाहर
जो
सुनने
वाले
हैं,
शैतान
हैं
बहुत
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Aalok Shrivastav
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अपना
हर
तिनका
समेटे
किस
जगह
पर
जा
छुपे
हम
तिरी
आवाज़
की
चिड़ियों
से
घबराते
हुए
Swapnil Tiwari
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ख़ामोशी
में
आवाज़
का
किरदार
कोई
है
जो
बोलता
रहता
है
लगातार,
कोई
है
Shakeel Gwaliari
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तुमने
कैसे
उसके
जिस्म
की
ख़ुशबू
से
इनकार
किया
उस
पर
पानी
फेंक
के
देखो
कच्ची
मिट्टी
जैसा
है
Tehzeeb Hafi
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जब
उसने
पलट
कर
नहीं
देखा
तो
ये
जाना
आवाज़
लगाने
में
भी
नुक़सान
बहुत
है
Imtiyaz Khan
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मोहब्बत
कर
मोहब्बत
कर
यही
बस
कह
रहा
है
दिल
सुन
अपने
दिल
की
तू
ये
ग़ैर
की
आवाज़
थोड़ी
है
Krishnakant Kabk
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वरना
बे-मौत
ही
मर
जाएँगे
सारे
किरदार
एक
इनकार
ज़रूरी
है
कहानी
के
लिए
Madan Mohan Danish
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मोहब्बत
ने
सिखाया
है
मोहब्बत
वक़्त
ज़ाया'
है
मगर
ये
दिल
न
जाने
क्यूँ
गुलाबें
फिर
ले
आया
है
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SIDDHARTH SHARMA
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कल
बदल
दूँगा
घर
का
कैलेंडर
मैं
भी
ज़ेहन
में
पर
कुछ
तारीख़ें
रह
जायेगी
SIDDHARTH SHARMA
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कि
मुझ
सेे
जान
के
अनजान
बन
सकते
हो
बन
जाना
मेरी
तुम
दीद
के
मेहमान
बन
सकते
हो
बन
जाना
नहीं
है
फ़ायदे
का
सौदा
बे-बस
इश्क़
मेरी
जान
मगर
चाहो
तो
तुम
नुक़सान
बन
सकते
हो
बन
जाना
जिगर
ने
है
कहा
ये
इश्क़
दरिया
आग
का
'साहिर'
अगर
तुम
डूब
के
आसान
बन
सकते
हो
बन
जाना
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SIDDHARTH SHARMA
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पुरानी
फ़ोटो
उसकी
देखता
हूँ
मैं
नई
तस्वीर
आँखों
को
रुलाती
है
वो
मुझको
छोड़
कर
ऐसे
गई
'साहिर'
माँ
जैसे
छोड़
कर
बच्चे
को
जाती
है
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SIDDHARTH SHARMA
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दिल
ज़रा
है
तेरा
भला
न
लगे
है
बुरा
ख़ूब
पर
बुरा
न
लगे
तू
जिसे
प्यार
करता
है
उसे
कह
प्यार
तेरा
उसे
वफ़ा
न
लगे
तू
छुए
फूल
तो
वो
मर
जाए
चू
में
जिसको
उसे
दवा
न
लगे
तेरी
ख़ातिर
दु'आ
मैं
करता
हूँ
कि
तुझे
मेरी
बद्दुआ
न
लगे
नाम
'साहिर'
तेरा
नहीं
लेता
सब
लगे
पर
तू
बे-वफ़ा
न
लगे
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SIDDHARTH SHARMA
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