hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
SIDDHARTH SHARMA
bina uske zabaan nahin hoti
bina uske zabaan nahin hoti | बिना उसके ज़बाँ नहीं होती
- SIDDHARTH SHARMA
बिना
उसके
ज़बाँ
नहीं
होती
ये
ख़ामोशी
बयाँ
नहीं
होती
सभी
माँओं
के
होते
हैं
बच्चे
सभी
बच्चों
की
माँ
नहीं
होती
न
होते
राम
कृष्ण
जग
में
तो
सियासत
फिर
मियाँ
नहीं
होती
- SIDDHARTH SHARMA
Download Ghazal Image
दूर
अगर
रहते
हैं
माँ
से
हम
ख़र्चीले
हो
जाते
हैं
ऐसा
खाना
मिलता
है
सब
कपड़े
ढीले
हो
जाते
हैं
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
45 Likes
जब
चली
ठंडी
हवा
बच्चा
ठिठुर
कर
रह
गया
माँ
ने
अपने
ला'ल
की
तख़्ती
जला
दी
रात
को
Sibt Ali Saba
Send
Download Image
23 Likes
मुझे
आँखें
दिखाकर
बोलती
है
चुप
रहो
भैया
बहिन
छोटी
भले
हो
बात
वो
अम्मा
सी
करती
है
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
42 Likes
मैंने
कल
शब
चाहतों
की
सब
किताबें
फाड़
दीं
सिर्फ़
इक
काग़ज़
पे
लिक्खा
लफ़्ज़-ए-माँ
रहने
दिया
Munawwar Rana
Send
Download Image
51 Likes
मोहब्बत
का
सुबूत
अब
और
क्या
दें
तुम्हारी
माँ
को
माँ
कहने
लगे
हैं
Shadab Asghar
Send
Download Image
17 Likes
एक
मुद्दत
से
मिरी
माँ
नहीं
सोई
'ताबिश'
मैं
ने
इक
बार
कहा
था
मुझे
डर
लगता
है
Abbas Tabish
Send
Download Image
41 Likes
आ
रही
है
जो
बहू
सीधी
रहे
माँ
चाहती
जा
रही
बेटी
मगर
चालाक
होनी
चाहिए
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
26 Likes
नज़रें
हो
गड़ीं
जिनकी
वसीयत
पे
दिनो-रात
माँ-बाप
कि
'उम्रों
कि
दु'आ
ख़ाक
करेंगे
Asad Akbarabadi
Send
Download Image
12 Likes
अब
तो
उस
सूने
माथे
पर
कोरेपन
की
चादर
है
अम्मा
जी
की
सारी
सजधज,
सब
ज़ेवर
थे
बाबूजी
कभी
बड़ा
सा
हाथ
ख़र्च
थे
कभी
हथेली
की
सूजन
मेरे
मन
का
आधा
साहस,
आधा
डर
थे
बाबूजी
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
41 Likes
बूढ़ी
माँ
का
शायद
लौट
आया
बचपन
गुड़ियों
का
अम्बार
लगा
कर
बैठ
गई
Irshad Khan Sikandar
Send
Download Image
19 Likes
Read More
कि
मुझ
सेे
जान
के
अनजान
बन
सकते
हो
बन
जाना
मेरी
तुम
दीद
के
मेहमान
बन
सकते
हो
बन
जाना
नहीं
है
फ़ायदे
का
सौदा
बे-बस
इश्क़
मेरी
जान
मगर
चाहो
तो
तुम
नुक़सान
बन
सकते
हो
बन
जाना
जिगर
ने
है
कहा
ये
इश्क़
दरिया
आग
का
'साहिर'
अगर
तुम
डूब
के
आसान
बन
सकते
हो
बन
जाना
Read Full
SIDDHARTH SHARMA
Download Image
1 Like
निकले
जो
ढूँढने
थे
उन्हें
कब
ख़ुदा
मिला
मैं
इसलिए
ही
कहता
हूँ
दिल
से
दु'आ
मिला
चुपचाप
चाहनें
से
नहीं
मिलता
इश्क़
यार
मुझ
सेे
है
इश्क़
गर
तो
हवा
में
सदा
मिला
तू
छोड़
के
गया
था
मुझें
अच्छे
के
लिए
दुख
है
कि
जो
मिला
तुझे
वो
भी
बुरा
मिला
Read Full
SIDDHARTH SHARMA
Download Image
1 Like
बनाने
वालों
ने
इक
बार
ढाला
छत
मेरी
माँ
रोज़
उठ
कर
घर
बनाती
है
माँ
दर्जा
ईश्वर
का
राम
को
देती
मेरे
कान्हा
को
भी
सुंदर
बनाती
है
Read Full
SIDDHARTH SHARMA
Send
Download Image
2 Likes
दिल
ज़रा
है
तेरा
भला
न
लगे
है
बुरा
ख़ूब
पर
बुरा
न
लगे
तू
जिसे
प्यार
करता
है
उसे
कह
प्यार
तेरा
उसे
वफ़ा
न
लगे
तू
छुए
फूल
तो
वो
मर
जाए
चू
में
जिसको
उसे
दवा
न
लगे
तेरी
ख़ातिर
दु'आ
मैं
करता
हूँ
कि
तुझे
मेरी
बद्दुआ
न
लगे
नाम
'साहिर'
तेरा
नहीं
लेता
सब
लगे
पर
तू
बे-वफ़ा
न
लगे
Read Full
SIDDHARTH SHARMA
Download Image
1 Like
तेरा
होना
नहीं
भरता
जरा
भी
रौनकें
मुझ
में
तेरा
जाना
भी
मुझको
यार
अब
तन्हा
नहीं
करता
ये
मेरी
है
मुहब्बत
मैं
अकेला
कर
भी
सकता
हूँ
तेरा
मौजूद
होना
इसको
अब
दूना
नहीं
करता
Read Full
SIDDHARTH SHARMA
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Hug Shayari
Khudkushi Shayari
Rahbar Shayari
Subah Shayari
Aitbaar Shayari