hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shubham Tiwari
ajab vyaapaar karne lag gaya hooñ
ajab vyaapaar karne lag gaya hooñ | अजब व्यापार करने लग गया हूँ
- Shubham Tiwari
अजब
व्यापार
करने
लग
गया
हूँ
मैं
दो
का
चार
करने
लग
गया
हूँ
मैं
जिस
सेे
दोस्ती
करने
गया
था
उसी
से
प्यार
करने
लग
गया
हूँ
- Shubham Tiwari
Download Sher Image
जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
Send
Download Image
27 Likes
हैराँ
मैं
भी
हूँ
दोस्त
यूँँ
बालों
में
गजरा
देखकर
ये
फूल
आख़िर
कबसे
फूलों
को
पहनने
लग
गया
Neeraj Neer
Send
Download Image
28 Likes
मैं
दिल
को
सख़्त
करके
उस
गली
जा
तो
रहा
हूँ
दोस्त
करूँँगा
क्या
अगर
वो
ही
शरारत
पर
उतर
आया
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
नाराज़गी
का
मेरी
ये
आलम
है
इन
दिनों
है
बंद
अपने
आप
से
भी
बोल-चाल
यार
Rajesh Reddy
Send
Download Image
43 Likes
एक
सीता
की
रिफ़ाक़त
है
तो
सब
कुछ
पास
है
ज़िंदगी
कहते
हैं
जिस
को
राम
का
बन-बास
है
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
50 Likes
यार
इक
बार
परिंदों
को
हुकूमत
दे
दो
ये
किसी
शहर
को
मक़्तल
नहीं
होने
देंगे
ये
जो
चेहरे
हैं
यहाँ
चाँद
से
चेहरे
'ताबिश'
ये
मिरा
इश्क़
मुकम्मल
नहीं
होने
देंगे
Read Full
Abbas Tabish
Send
Download Image
36 Likes
कौन
रोता
है
किसी
और
की
ख़ातिर
ऐ
दोस्त
सब
को
अपनी
ही
किसी
बात
पे
रोना
आया
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
53 Likes
भले
ही
प्यार
हो
या
हिज्र
हो
या
फिर
सियासत
हो
कुछ
ऐसे
दोस्त
थे
हर
बात
पर
अश'आर
कहते
थे
Siddharth Saaz
Send
Download Image
10 Likes
शाम
ढलने
से
फ़क़त
शाम
नहीं
ढलती
है
उम्र
ढल
जाती
है
जल्दी
पलट
आना
मेरे
दोस्त
Ashfaq Nasir
Send
Download Image
51 Likes
जैसे
पतवार
सफ़ीने
के
लिए
होते
हैं
दोस्त
अहबाब
तो
जीने
के
लिए
होते
हैं
इश्क़
में
कोई
तमाशा
नहीं
करना
होता
अश्क
जैसे
भी
हों
पीने
के
लिए
होते
हैं
Read Full
Khalid Nadeem Shani
Send
Download Image
30 Likes
Read More
मुस्कुराने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
घर
सजाने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
ऐब
अपने
तो
सारे
मिटा
करके
मैं
गीत
गाने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
Read Full
Shubham Tiwari
Send
Download Image
7 Likes
था
ट्रेन
का
सफ़र
दिखी
थीं
सामने
से
वो
अब
हो
चुकी
थी
देर
मैं
दफ़्तर
चला
गया
Shubham Tiwari
Send
Download Image
8 Likes
मुस्कुराने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
घर
सजाने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
ऐब
अपने
तो
सारे
मिटा
कर
के
मैं
गीत
गाने
लगा
हूँ
तुम्हारे
लिए
Read Full
Shubham Tiwari
Send
Download Image
3 Likes
क़ैद
में
हूँ
हाल
ये
है
बोलता
तस्वीर
से
अब
परिंदे
को
मुहब्बत
हो
गई
ज़ंजीर
से
डाल
कर
झूठी
हँसी
मैं
हँस
रहा
हूँ
बेवजह
और
ग़म
तारी
हुआ
है
अब
मेरी
तासीर
से
Read Full
Shubham Tiwari
Send
Download Image
5 Likes
किसी
का
मुस्कुराना
हो
गया
है
ये
मौसम
फिर
सुहाना
हो
गया
है
दिनों
को
याद
करके
रो
रहा
हूँ
जिन्हें
गुज़रे
ज़माना
हो
गया
है
Read Full
Shubham Tiwari
Send
Download Image
13 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Qatil Shayari
Dhoop Shayari
Azal Shayari
Murder Shayari
Shaheed Shayari