taqseem hooñ main apni hi tasveer se ai dil | तक़्सीम हूँ मैं अपनी ही तस्वीर से, ऐ दिल

  - Shivansh Singhaniya
तक़्सीमहूँमैंअपनीहीतस्वीरसे,दिल
हैरतहोक्यूँज़ीस्तकीतक़रीरसे,दिल
'अर्सेसेनहींगुज़रातिरेशहरसहोकर
डरताहूँमरजाएकहींतीरसे,दिल
इकरातसीयेउम्रगुज़रनेकोलगीहै
वोलूटगयाझूठकीतश्हीरसे,दिल
किरदारसेमतपूछकहानीकेअलमको
मारागयाहै,अपनीहीतहरीरसे,दिल
हरनक़्शजोता'मीरहै,फ़रियादकाउसकी
बिछड़ाहूँ,मैंहालातकेतनवीरसे,दिल
बैठाहूँजहाँ,आगलगाकरहीउठाहूँ
हैख़ौफ़मुझेमौतकीता'ज़ीरसे,दिल
डूबाहूँकिनारेपेकिनारेकेभरममें
सोपाँवकोकसताहूँमैंज़ंजीरसे,दिल
मैख़ानेमेंअबजामछलकताहीनहींहै
शिवनामतोबदनामहैतज़्वीरसे,दिल
  - Shivansh Singhaniya
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