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Shiva awasthi
betarteeb barsne lagti hain aañkhen
betarteeb barsne lagti hain aañkhen | बेतरतीब बरसने लगती हैं आँखें
- Shiva awasthi
बेतरतीब
बरसने
लगती
हैं
आँखें
इन
से
सूखे
गाल
नहीं
देखे
जाते
- Shiva awasthi
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मुझे
आँखें
दिखाकर
बोलती
है
चुप
रहो
भैया
बहिन
छोटी
भले
हो
बात
वो
अम्मा
सी
करती
है
Divy Kamaldhwaj
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तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
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नदी
आँखें
भँवर
ज़ुल्फ़ें
कहाँ
तैरूँ
कहाँ
डूबूँ
कि
तेरे
शहर
में
सब
की
अदाएँ
एक
जैसी
हैं
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
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मैं
खोया
खोया
सा
तेरी
छत
की
जानिब
देख
रहा
हूँ
गीले
कपड़े
सूख
रहे
हैं,
सूखी
आँखें
भीग
रही
हैं
Harman Dinesh
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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ज़ख़्म
लगे
हैं
कितने
दिल
पर
याद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
शाद
नहीं
हूँ
मैं
तुमको
नाशाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
उम्र
गए
पे
तेरी
सूरत
और
मिरी
आँखें
टकराईं
उम्र
गए
में
सोची
वो
फ़रियाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
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Dhiraj Singh 'Tahammul'
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न
करो
बहस
हार
जाओगी
हुस्न
इतनी
बड़ी
दलील
नहीं
Jaun Elia
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ये
वो
क़बीला
है
जो
हुस्न
को
ख़ुदा
माने
यहाँ
पे
कौन
तेरी
बात
का
बुरा
माने
इशारा
कर
दिया
है
आपकी
तरफ़
मैंने
ये
बच्चे
पूछ
रहे
थे
कि
बे-वफ़ा
माने
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Kushal Dauneria
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तुझ
तक
आने
का
सफ़र
इतना
भी
आसाँ
तो
न
था
तूने
फेरी
है
नज़र
हम
सेे
जिस
आसानी
से
Mohit Dixit
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चाँद
को
अब्र
से
उठा
लाओ
लौंग
का
नग
बनाके
पहनूँगी
Shiva awasthi
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ढूँढते
तो
रहे,
हम
तबस्सुम
में
पर
ज़िन्दगी
का
पता
आँसुओं
में
मिला
Shiva awasthi
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गला
ही
घोंट
डालूँगी
किसी
दिन,
मैं
अपने
आप
से
उकता
गई
हूँ
Shiva awasthi
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मिरे
बदन
पर
उसकी
काली
नज़रें
बिल्कुल
वैसी
थीं
जैसे
बच्चों
के
हाथों
में
काला
धागा
होता
है
Shiva awasthi
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सूरज,
चाँद,
सितारे
सारे
फीके
हैं
माँ
की
आँखें,
आख़िर
माँ
की
आँखें
हैं
Shiva awasthi
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