रुख़सेउठाहिजाबज़रादेरकेलिए
खिलजाएगागुलाबज़रादेरकेलिए
तूभीउलझकेबैठनजाएमेरीतरह
पढ़हुस्नकीकिताबज़रादेरकेलिए
उसनेहरएकराज़-ए-मोहब्बतबतादिया
जैसेचढ़ीशराबज़रादेरकेलिए
दुनियाजहानभूलगयावोतोख़ुद-ब-ख़ुद
जिसपेचढ़ाशबाबज़रादेरकेलिए
आँखोंमेंनींदलौटकेआईनहींकभी
देखाजोएकख़्वाबज़रादेरकेलिए
'शेखर'येइश्क़-विश्क़बलाक्यासवालहै
सोचोकभीजवाबज़रादेरकेलिए