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shaan manral
main ki jeevan ka bojh dhota hooñ
main ki jeevan ka bojh dhota hooñ | मैं कि जीवन का बोझ ढोता हूँ
- shaan manral
मैं
कि
जीवन
का
बोझ
ढोता
हूँ
सोच
कर
के
उदास
होता
हूँ
जागता
हूँ
तो
ख़ौफ़
आता
है
इसलिए
भी
मैं
इतना
सोता
हूँ
ग़म
ही
खाता
हूँ
ग़म
ही
पचता
है
इसलिए
ग़म
के
बीज
बोता
हूँ
मैं
कि
ऐसे
उदास
क्यूँँ
न
रहूँ
मिलता
कम
है
ज़ियादा
खोता
हूँ
जो
तू
बोले
मैं
भी
वही
बोलूँ
ये
बता
क्या
मैं
तेरा
तोता
हूँ
- shaan manral
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हम
कुछ
ऐसे
उसके
आगे
अपनी
वफ़ा
रख
देते
हैं
बच्चे
जैसे
रेल
की
पटरी
पर
सिक्का
रख
देते
हैं
तस्वीर-ए-ग़म,
दिल
के
आँसू,
रंजो-नदामत,
तन्हाई
उसको
ख़त
लिखते
हैं
ख़त
में
हम
क्या
क्या
रख
देते
हैं
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Subhan Asad
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हाए
उसके
हाथ
पीले
होने
का
ग़म
इतना
रोए
हैं
कि
आँखें
लाल
कर
ली
Harsh saxena
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ये
किस
मक़ाम
पे
लाई
है
ज़िंदगी
हम
को
हँसी
लबों
पे
है
सीने
में
ग़म
का
दफ़्तर
है
Hafeez Banarasi
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पुराने
घाव
पर
नाखून
उसका
लग
गया
वरना
गुज़र
कर
दर्द
ये
हद
से
दवा
होने
ही
वाला
था
Atul K Rai
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ज़ख़्म
दिल
पर
हज़ार
करता
है
और
कहता
है
प्यार
करता
है
दर्द
दिल
में
उतर
गया
कैसे
कोई
अपना
ही
वार
करता
है
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Santosh S Singh
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ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
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ऐ
ग़म-ए-ज़िंदगी
न
हो
नाराज़
मुझ
को
आदत
है
मुस्कुराने
की
Abdul Hamid Adam
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हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
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Madan Mohan Danish
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मुझे
छोड़
दे
मेरे
हाल
पर
तिरा
क्या
भरोसा
है
चारा-गर
ये
तिरी
नवाज़िश-ए-मुख़्तसर
मेरा
दर्द
और
बढ़ा
न
दे
Shakeel Badayuni
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मशहूर
भी
हैं
बदनाम
भी
हैं
ख़ुशियों
के
नए
पैग़ाम
भी
हैं
कुछ
ग़म
के
बड़े
इनाम
भी
हैं
पढ़िए
तो
कहानी
काम
की
है
Anjum Barabankvi
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शहर
में
आज
हादसा
हो
गया
इक
भला
आदमी
बुरा
हो
गया
आइने
में
अभी
अभी
ख़ुद
को
देख
ख़ूब
रोया
कि
क्या
था
क्या
हो
गया
मैं
तिरे
साथ
चल
रहा
था
और
फिर
मिरे
साथ
हादसा
हो
गया
आप
ही
ठीक
हो
ग़लत
मैं
हूँ
कितनी
जल्दी
ये
फ़ैसला
हो
गया
हम
तो
इंसान
भी
न
बन
पाए
आज
फिर
एक
बुत
ख़ुदा
हो
गया
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shaan manral
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इक
तो
ये
नूर
उस
पे
मेरी
शर्म
भी
अलग
तू
सामने
रहा
तो
निगह
उठ
न
पाएगी
shaan manral
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इसे
तो
वक़्त
की
आब-ओ-हवा
ही
ठीक
कर
देगी
मियाँ
नासूर
होते
ज़ख़्म
सहलाया
नहीं
करते
shaan manral
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ये
तुम
भी
जानते
हो
कि
हालात
नर्म
है
कहने
को
कह
रहा
हूँ
कि
सब
ठीक
ठाक
है
shaan manral
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कब
तक
शदीद
दर्द
उठाए
फिरेंगे
हम
अब
ख़ुशियों
के
कपाट
को
खुल
जाना
चाहिए
shaan manral
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