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Shekhar kumar
meraa dil hi mujhko raah dikhaata hai
meraa dil hi mujhko raah dikhaata hai | मेरा दिल ही मुझको राह दिखाता है
- Shekhar kumar
मेरा
दिल
ही
मुझको
राह
दिखाता
है
आख़िर
पागल
को
पागल
समझाता
है
चाहे
कितनी
भी
कोशिश
कर
लो
यारो
पहला
प्यार
अधूरा
ही
रह
जाता
है
- Shekhar kumar
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तुम्हारी
शक्ल
किसी
शक्ल
से
मिलाते
हुए
मैं
खो
गया
हूँ
नया
रास्ता
बनाते
हुए
Ashu Mishra
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कोशिश
भी
कर
उमीद
भी
रख
रास्ता
भी
चुन
फिर
इस
के
ब'अद
थोड़ा
मुक़द्दर
तलाश
कर
Nida Fazli
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राह-ए-दूर-ए-इश्क़
में
रोता
है
क्या
आगे
आगे
देखिए
होता
है
क्या
Meer Taqi Meer
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सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
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याद
उसे
भी
एक
अधूरा
अफ़्साना
तो
होगा
कल
रस्ते
में
उस
ने
हम
को
पहचाना
तो
होगा
Javed Akhtar
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हम
भी
दरिया
हैं
हमें
अपना
हुनर
मालूम
है
जिस
तरफ़
भी
चल
पड़ेंगे
रास्ता
हो
जाएगा
Bashir Badr
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मेरी
दुनिया
उजड़
गई
इस
में
तुम
इसे
हादसा
समझते
हो
आख़िरी
रास्ता
तो
बाक़ी
है
आख़िरी
रास्ता
समझते
हो
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Himanshi babra KATIB
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ज़रा
सी
देर
को
सकते
में
आ
गए
थे
हम
कि
एक
दूजे
के
रस्ते
में
आ
गए
थे
हम
जो
अपना
हिस्सा
भी
औरों
में
बाँट
देता
है
एक
ऐसे
शख़्स
के
हिस्से
में
आ
गए
थे
हम
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Ismail Raaz
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उसूली
तौर
पे
मर
जाना
चाहिए
था
मगर
मुझे
सुकून
मिला
है
तुझे
जुदा
कर
के
Ali Zaryoun
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हर
तरफ़
उग
आए
हैं
जंगल
हमारी
हार
के
जीत
का
कोई
भी
रस्ता
अब
नहीं
दिखता
हमें
Siddharth Saaz
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उलझा
उलझा
ये
राब्ता
क्यूँ
है
इश्क़
गर
है
तो
फ़ासला
क्यूँ
है
कुछ
नहीं
अपने
दरमियाँ
तो
फिर
तू
मेरी
ओर
देखता
क्यूँ
है
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Shekhar kumar
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उसके
होंठ
को
छूता
हूँ
तो
यूँँ
लगता
है
उसका
बोसा
अगली
कयामत
ला
सकता
है
Shekhar kumar
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ट्यूशन
जाना
सिर्फ़
बहाना
होता
था
मेरा
मकसद
उस
सेे
मिलना
होता
था
शायद
आ
कर
मुझ
सेे
वो
कुछ
पूछ
ही
ले
इसलिए
मुझको
पढ़
के
जाना
होता
था
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Shekhar kumar
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उठानी
पड़
रही
हैं
ईंट
हमको
किताबें
बोझ
लगती
थी
हमेशा
Shekhar kumar
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गर
जहन्नुम
ही
रही
है
ज़िंदगी
सारी
मेरी
बाद
मरने
के
मिले
जन्नत
ज़रूरी
तो
नहीं
Shekhar kumar
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