hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Asad Khan
dil ka dariyaa dikhaai de raha hoon
dil ka dariyaa dikhaai de raha hoon | दिल का दरिया दिखाई दे रहा हूॅं
- Asad Khan
दिल
का
दरिया
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
ख़ुद
में
बहता
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
अपनी
आँखों
को
बंद
कर
के
बता
अब
मैं
कैसा
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
थोड़ा
सा
रह
गया
हूॅं
और
सबको
यूँँॅं
ही
पूरा
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
इक
ग़ज़ल
आधी
रह
गई
है
मेरी
सो
मैं
आधा
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
मैं
किसी
बस्ती
में
से
काटा
गया
एक
रक़्बा
दिखाई
दे
रहा
हूॅं
- Asad Khan
Download Ghazal Image
रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
Send
Download Image
48 Likes
पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
Send
Download Image
11 Likes
नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
19 Likes
मैं
हूँ
सदियों
से
भटकता
हुआ
प्यासा
दरिया
ऐ
ख़ुदा
कुछ
तो
समुंदर
के
सिवा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
36 Likes
नए
साल
में
पिछली
नफ़रत
भुला
दें
चलो
अपनी
दुनिया
को
जन्नत
बना
दें
Unknown
Send
Download Image
26 Likes
अगर
जन्नत
मिला
करती
फ़क़त
सज्दों
के
बदले
में
तो
फिर
इबलीस
मुर्शिद
सब
सेे
पहले
जन्नती
होता
Shajar Abbas
Send
Download Image
3 Likes
ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
Read Full
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
50 Likes
मैं
कुछ
दिन
से
अचानक
फिर
अकेला
पड़
गया
हूँ
नए
मौसम
में
इक
वहशत
पुरानी
काटती
है
Liaqat Jafri
Send
Download Image
37 Likes
हमने
तुझ
पे
छोड़
दिया
है
कश्ती,
दरिया,
भँवर,
किनारा
Siddharth Saaz
Send
Download Image
37 Likes
मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
31 Likes
Read More
क्या
ज़रूरी
है
शब-ए-वस्ल
में
जागा
जाए
क्या
ज़रूरी
है
हमेशा
दिए
जलते
रक्खें
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
जब
तेरी
दीद
हो
गई
होगी
किसी
की
ईद
हो
गई
होगी
तेरा
यूँँ
छोड़
जाना
बनता
था
मुझ
को
उम्मीद
हो
गई
होगी
Read Full
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
कि
शहज़ादा
किसी
के
साथ
शहज़ादी
किसी
के
साथ
नहीं
चाहा
था
फिर
भी
हो
गई
शादी
किसी
के
साथ
Asad Khan
Send
Download Image
1 Like
हर
ज़िन्दगी
की
ये
ज़रूरत
होती
है
यूँँॅं
ही
नहीं
हमको
मुहब्बत
होती
है
कोई
न
कोई
हादसा
भी
चाहिए
तब
जा
के
लोगों
से
इबादत
होती
है
Read Full
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
अपनी
दीद
की
कुछ
यूँँ
तासीर
भेजी
है
लिबास-ए-ईद
में
उसने
तस्वीर
भेजी
है
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Zakhm Shayari
Maa Shayari
Environment Shayari
Mehboob Shayari
Dillagi Shayari