ziyaada KHush the ham tum dosti men | ज़ियादा ख़ुश थे हम तुम दोस्ती में

  - Anup Ranjan
ज़ियादाख़ुशथेहमतुमदोस्तीमें
बताओक्यामिलाइसदिल-लगीमें
उदासीहैखड़ीदिलकीगलीमें
दियाकैसेजलेइसतीरगीमें
मैंज़िंदाहूँमगरयेसोचताहूँ
किकितनेफ़ायदेहैंख़ुद-कुशीमें
मुझेबननाथा'आशिक़औरशायर
मेरादिलक्यूँँलगेगानौकरीमें
चुकानीहीपड़ेगीउसकीक़ीमत
कटीहैउम्रजोआवारगीमें
किसीनेकाटलीअपनीकलाई
कहींहल्दीलगीहैअंजुरीमें
  - Anup Ranjan
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