hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manoj Sharma "Chandan"
baat karta hai meethi zabaan men
baat karta hai meethi zabaan men | बात करता है मीठी ज़बान में
- Manoj Sharma "Chandan"
बात
करता
है
मीठी
ज़बान
में
मीर
रखता
है
अपने
बखान
में
सारी
बस्ती
में
इक
घर
चमकता
है
बूढ़ी
माँ
रहती
है
जिस
मकान
में
- Manoj Sharma "Chandan"
Download Sher Image
नताएज
जब
सर-ए-महशर
मिलेंगे
मोहब्बत
के
अलग
नंबर
मिलेंगे
तुम्हारी
मेज़बानी
के
बहाने
कोई
दिन
हम
भी
अपने
घर
मिलेंगे
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
19 Likes
हमारे
घर
के
रिश्तों
में
अभी
बारीकियाँ
कम
हैं
भतीजा
मार
खाता
है
तो
चाचा
बोल
देते
हैं
Nirbhay Nishchhal
Send
Download Image
8 Likes
ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
Send
Download Image
119 Likes
कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
Read Full
Ashutosh Vdyarthi
Send
Download Image
51 Likes
सब
कुछ
तो
है
क्या
ढूँडती
रहती
हैं
निगाहें
क्या
बात
है
मैं
वक़्त
पे
घर
क्यूँँ
नहीं
जाता
Nida Fazli
Send
Download Image
53 Likes
एक
मुद्दत
से
हैं
सफ़र
में
हम
घर
में
रह
कर
भी
जैसे
बेघर
से
Azhar Iqbal
Send
Download Image
41 Likes
मौत
न
आई
तो
'अल्वी'
छुट्टी
में
घर
जाएँगे
Mohammad Alvi
Send
Download Image
34 Likes
आप
क्या
आए
कि
रुख़्सत
सब
अंधेरे
हो
गए
इस
क़दर
घर
में
कभी
भी
रौशनी
देखी
न
थी
Hakeem Nasir
Send
Download Image
25 Likes
तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
33 Likes
अजब
अंदाज़
से
ये
घर
गिरा
है
मिरा
मलबा
मिरे
ऊपर
गिरा
है
Aanis Moin
Send
Download Image
18 Likes
Read More
बदल
कर
रख
दी
उसने
ज़िन्दगी
मेरी
कि
हालत
हो
गई
है
जौन
सी
मेरी
मैं
उस
दिन
मर
गया
जिस
दिन
कहा
उसने
भुला
दो
मुझ
को
गर
चाहो
ख़ुशी
मेरी
वो
ख़ुश
है
बिन
मेरे
ये
देख
दिल
ख़ुश
है
अब
उसकी
हर
ख़ुशी
है
आशिक़ी
मेरी
तुम्हारा
राम
बन
पाया
नहीं
मैं
पर
तुम्हें
ही
मानता
हूँ
जानकी
मेरी
तुम्हारा
नाम
लूँ
मैं
हर
ग़ज़ल
में
बस
यहीं
ख़्वाहिश
है
'चंदन'
आख़िरी
मेरी
Read Full
Manoj Sharma "Chandan"
Download Image
1 Like
ग़ज़ल
से
नाम
हो
जाएगा
धंधा
हो
नहीं
सकता
कि
जैसा
चाहते
हो
ठीक
वैसा
हो
नहीं
सकता
तू
चाहे
मान
या
मत
मान
पर
है
सच
यही
लेकिन
कोई
मेरी
तरह
तेरा
दिवाना
हो
नहीं
सकता
ज़रूरी
है
नहीं
भेदी
हो
बाहर
का
कोई
'चंदन'
विभीषन
हो
नहीं
कलयुग
में
ऐसा
हो
नहीं
सकता
Read Full
Manoj Sharma "Chandan"
Download Image
0 Likes
इसलिए
करता
आशिक़ी
मैं
नहीं
आपके
जैसा
मतलबी
मैं
नहीं
Manoj Sharma "Chandan"
Send
Download Image
2 Likes
ज़माने
में
कोई
उसका
नहीं
है
कि
जिसके
जेब
में
पैसा
नहीं
है
Manoj Sharma "Chandan"
Send
Download Image
2 Likes
दो
हिस्सों
में
अपनी
एक
कहानी
होगी
मर
जाऊँगा
मैं
और
उसकी
शादी
होगी
तू
भी
जाना
सज-धज
के
दूजे
के
घर
और
सफ़ेद
चादर
ओढ़े
मेरी
बिदाई
होगी
तेरे
लिए
बाराती
डोली
लेकर
आए
मेरे
लिए
कंधों
की
ख़ैर
सवारी
होगी
दुल्हन
को
समझाओ
अफ़सर
को
अपना
ले
'चंदन'
की
ग़ज़लों
से
कितनी
कमाई
होगी
Read Full
Manoj Sharma "Chandan"
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Fantasy Shayari
Shadi Shayari
Patriotic Shayari
Zulm Shayari
Alone Shayari