mujhko to aashiqi nahin aati | मुझको तो आशिक़ी नहीं आती

  - Manoj Sharma "Chandan"
मुझकोतोआशिक़ीनहींआती
हाँमुझेख़ुद-कुशीनहींआती
यूँँतोआतीहैयादमाज़ीकी
औरतूहैकभीनहींआती
कैसेआतेहैंख़्वाबयूँँतुमको
हमकोतोनींदभीनहींआती
जीलोजीभरकेज़िन्दगीयारों
लौटकरज़िन्दगीनहींआती
इकइमारतनेरोकरक्खाहै
रौशनीशम्सकीनहींआती
कैसेलिक्खोगेतुमग़ज़ल'चंदन'
गरतुम्हेंशा'इरीनहींआती
  - Manoj Sharma "Chandan"
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